सर्वाधिक 169 परीक्षा केंद्र प्रयागराज में
मामला बढ़ने पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने शाम को परीक्षा समिति की बैठक बुुला ली। तय हुआ कि जिन कॉलेजों में पांच सौ से अधिक विद्यार्थी परीक्षा के लिए नामांकित हैं, उन्हें स्वकेंद्र बनाया जाएगा। इस निर्णय के बाद प्रयागराज, फतेहपुर, कौशाम्बी और प्रतापगढ़ में केंद्रों की संख्या बढ़कर 324 हो गई है। इनमें सर्वाधिक 169 परीक्षा केंद्र प्रयागराज में बनाए गए गए हैं। जिन कॉलेजों में पांच सौ से अधिक विद्यार्थी नामांकित हैं, उनकी संख्या 275 हैं।
इन कॉलेजों में अब स्वकेंद्र परीक्षा होगी। वहीं, जिन कॉलेजों में परीक्षा के लिए नामांकित विद्यार्थियों की संख्या पांच सौ से कम है, उनकी परीक्षा बाकी 49 केंद्रों में होगी, जिनकी कॉलेजों से दूरी पांच से सात किलोमीटर के बीच है। यह व्यवस्था सिर्फ इसी सत्र के लिए लागू की गई है।
‘भीषण गर्मी में विद्यार्थियों को दिक्कत न हो, सो पांच सौ से अधिक छात्र-छात्राओं के नामांकित होने की स्थिति में संबंधित कॉलेजों को स्वकेंद्र बनाए का निर्णय लिया गया है। यह व्यवस्था सिर्फ इसी सत्र की वार्षिक परीक्षाओं के लिए लागू की गई है।’ प्रो. अखिलेश कुमार सिंह, कुलपति, राज्य विवि
नकलविहीन परीक्षा के लिए देना होगा शपथपत्र
राज्य विवि की परीक्षा समिति की बैठक में तय हुआ कि नकलविहीन परीक्षा के लिए सभी केंद्राध्यक्षों को नोटरी पर शपथ पत्र देना होगा। शपथ पत्र कॉलेज के प्रबंधक से प्रतिहस्ताक्षरित होगा और इसके बाद राज्य विश्वविद्यालय में जमा किया जाएगा।
ज्यादातर केंद्रों में नियुक्त किए जाएंगे ऑब्जर्वर
स्वकेंद्र परीक्षा की व्यवस्था से नकल की आशंका बढ़ जाती है। इसे ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह भी तय किया है कि जहां तक संभव होगा, ज्यादातर कॉलेजों में ऑब्जर्वर की नियुक्ति की जाएगी। अगर नकल होती है तो ऑब्जर्वर की रिपोर्ट पर कार्रवाई भी की जाएगी।