फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

State University: सामूहिक नकल में दोषी प्रयागराज मंडल के 270 कॉलेजों पर जुर्माना, 43 कॉलेजों को किया गया डिबार

Mon, 26 Dec 2022 07:21 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

जनवरी के पहले सप्ताह से शुरू होने जा रहीं सेमेस्टर परीक्षाओं में अब इन कॉलेजों को केंद्र नहीं बनाया जाएगा। इसके अलावा विश्वविद्यालय प्रशासन ने 52 महाविद्यालयों को चेतावनी देते हुए डेढ़-डेढ़ लाख रुपये, 76 महाविद्यालयों को चेतावनी देते हुए एक-एक लाख रुपये और 99 कॉलेजों को चेतावनी देते हुए 75-75 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
विज्ञापन
Prayagraj News : राज्य विश्वविद्यालय। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) राज्य विश्वविद्यालय ने सामूहिक नकल में दोषी पाए गए 270 संघटक महाविद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन पर 75 हजार से लेकर डेढ़ लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया है। साथ ही 43 कॉलेजों को डिबार कर दिया है, जिन्हें आगामी परीक्षाओं में केंद्र नहीं बनाया जाएगा।

 

प्रयागराज, कौशाम्बी, प्रतापगढ़ और फतेहपुर में राज्य विवि के 653 संघटक महाविद्यालय हैं। सत्र 2021-22 की स्नातक प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय वर्ष की परीक्षा के लिए 392 महाविद्यालयों को केंद्र बनाया गया था। परीक्षा के दौरान कंट्रोल रूम एवं उड़ाका दलों की रिपोर्ट और कॉपियों के मूल्यांकन के आधार पर 270 महाविद्यालयों में सामूहिक नकल के मामले सामने आए।

विज्ञापन


इनमें प्रयागराज के 160, फतेहपुर के 40, कौशाम्बी के 32 और प्रतापगढ़ 38 महाविद्यालय शामिल हैं। राज्य विश्वविद्यालय प्रशासन ने ऐसे कॉलेजों के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए इनमें से 15 को दो साल और 28 को एक साल के लिए डिबार कर दिया है। साथ ही इन कॉलेजों पर डेढ़-डेढ़ लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। 

जनवरी के पहले सप्ताह से शुरू होने जा रहीं सेमेस्टर परीक्षाओं में अब इन कॉलेजों को केंद्र नहीं बनाया जाएगा। इसके अलावा विश्वविद्यालय प्रशासन ने 52 महाविद्यालयों को चेतावनी देते हुए डेढ़-डेढ़ लाख रुपये, 76 महाविद्यालयों को चेतावनी देते हुए एक-एक लाख रुपये और 99 कॉलेजों को चेतावनी देते हुए 75-75 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इन सभी केंद्रों को हलफनामा देना होगा कि आगे से ऐसी किसी भी गतिविधि में शामिल नहीं होंगे।

कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार सिंह का कहना है कि उत्तर प्रदेश शासन से प्राप्त निर्देशों के क्रम में नकल के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई की गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने विभिन्न परीक्षाओं को शुचितापूर्ण और नकलविहीन कराने के लिए कई कदम उठाए हैं। परीक्षाओं में सीसीटीवी, अत्याधुनिक तकनीक वाला कंट्रोल रूम और उड़ाका दल के माध्यम से कड़ी निगरानी एवं औचक निरीक्षण की व्यवस्था की गई थी।
विज्ञापन

सामूहिक नकल में पकड़े गए 27220 परीक्षार्थी
बीए, बीएससी, बीकॉम की प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय वर्ष की वार्षिक परीक्षा में कुल 27220 परीक्षार्थी सामूहिक नकल में दोषी पाए गए। इनमें से ज्यादातर परीक्षार्थी बीएससी के हैं। प्रथम वर्ष के 9245, द्वितीय वर्ष के 9434 और तृतीय वर्ष के 8541 विद्यार्थी सामूहिक नकल में दोषी पाए गए हैं। 

दोबारा परीक्षा दे रहे 23540 विद्यार्थी
सामूहिक नकल में दोषी पाए गए परीक्षार्थियों को विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक अन्य अवसर प्रदान करते हुए उनके लिए अलग से परीक्षा आयोजित की। यह परीक्षा शुरू हो चुकी है। सामूहिक नकल में दोषी पाए गए 27220 में से 23540 विद्यार्थी दोबारा परीक्षा दे रहे हैं, जबकि बाकी विद्यार्थियों ने दोबारा परीक्षा देने के लिए आवेदन ही नहीं किए। 

परीक्षा समिति के निर्णय पर हुई कार्रवाई
कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि नकल में दोषी पाए गए कॉलेजों के खिलाफ परीक्षा समिति के निर्णय पर कार्रवाई की गई है। परीक्षा समिति के पास अपने विवेक के आधार पर परिस्थितियों के अनुसार कॉलेज को डिबार करने, जुर्माना लगाने का अधिकार है। पूर्व में भी ऐसी कार्रवाई होती रही है, लेकिन इस बार व्यापक पैमाने पर महाविद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई की गई। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें