प्रयागराज, 14 जुलाई। सीएमपी डिग्री कॉलेज फर्जी जाति प्रमाणपत्र के आधार डॉ. सत्यवान नायक को नौकरी दिए जाने की शिकायत पर राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने सीएमपी के प्राचार्य एवं गोरखपुर के डीएम को नोटिस जारी किया है। दोनों को डाक के माध्यम से या स्वयं उपस्थित होकर आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
पूर्वांचल दलित अधिकार मंच के संस्थापन रामबृज गौतम ने आरोप लगाया था कि गोरखपुर निवासी डॉ. सत्यवान नायक ने अनुसूचित जनजाति का फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर सीएमपी डिग्री कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद नौकरी हासिल कर ली। रामबृज ने कॉलेज में भी इसकी शिकायत दर्ज कराई थी और प्राचार्य इस मामले की जांच भी करा रहे थे। इस बीच रामबृज ने राष्ट्रीय अनुूसचित जनजाति आयोग में भी शिकायत दर्ज करा दी, जिस पर आयोग के सहायक निदेशक राजेश्वर कुमार ने सीएमपी के प्राचार्य और गोरखपुर के जिलाधिकारी को नोटिस जारी करते हुए कहा है कि 30 दिनों के भीतर डाक या किसी अन्य संचार माध्यम से अथवा स्वयं उपस्थित होकर आरोपों/मामले पर की गई कार्रवाई से संबंधित सूचना प्रस्तुत करें। अगर निर्धारित समय सीमा में जवाब नहीं मिलता है तो आयोग की ओर से समन जारी किया जा सकता है।