फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एसएसपी का निलंबित स्टेनो बिना नंबर की पांच लाख की बाइक हार्ले डेविडसन से घूमता मिला, मुकदमा दर्ज

Tue, 24 Nov 2020 06:56 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

मास्क भी नहीं लगाया था, एडीजी के आदेश पर पुलिसकर्मियों ने पकड़ा
 
विज्ञापन
prayagraj news - फोटो : prayagraj
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सिविल लाइंस में सोमवार शाम चेकिंग के दौरान एडीजी जोन ने बड़ी कार्रवाई की। उन्होंने बगैर मास्क के बिना नंबर की पांच लाख रुपये कीमत की बाइक से घूमते मिले एसएसपी के पूर्व स्टेनो एसआई गौरव तिवारी को पकड़ लिया। उनके आदेश पर पुलिसकर्मी उसे सिविल लाइंस थाने ले गए। जहां धारा 144 के उल्लंघन के साथ ही सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने समेत अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। बाद मेें उसे मुचलके पर रिहा कर दिया गया।

विज्ञापन


घटना सोमवार रात आठ बजे के करीब हुई। एडीजी जोन प्रेमप्रकाश के नेतृत्व में फोर्स सिविल लाइंस में सुभाष चौराहे पर मास्क न लगाने वालों व वाहनों
की चेकिंग में लगी थी। इसी दौरान वहां पांच लाख रुपये कीमत वाली हार्ले डेविडसन बाइक से एसएसपी का पूर्व स्टेनो एसआई गौरव तिवारी पहुंच गया।

विज्ञापन

prayagraj news - फोटो : prayagraj
आरोप है कि उसने मास्क नहीं पहना हुआ था और उसकी बाइक पर नंबर भी नहीं था। नजर पडऩे पर एडीजी ने वहां मौजूद पुलिसकर्मियों को उसे रोकने को कहा। आरोप है कि कहने के बावजूद नहीं मानने पर जबरन रोककर पूछताछ शुरू की गई तो पूर्व स्टेनो संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। जिसके बाद एडीजी के आदेश पर पुलिसकर्मियों ने उसे हिरासत में ले लिया।

इसके बाद पुलिस बाइक समेत उसे थाने लेकर आई। यहां एसआई भारत सिंह की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। इंस्पेक्टर रविंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर धारा 144 के उल्लंघन के साथ ही सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने समेत अन्य आरोपों में एफआईआर दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। मुकदमा सात साल से कम सजा वाली धाराओं में होने के कारण नोटिस तामील कराकर उसे मुचलके पर छोड़ दिया गया। उधर एडीजी जोन की इस कार्रवाई से जिले भर के पुलिसकर्मियों में हडक़ंप मचा रहा।

अनियमितता में हुआ था निलंबित

सिविल लाइंस में जिस पूर्व स्टेनो गौरव तिवारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया, उसे अनियमितता समेत अन्य आरोपों में करीब ढाई महीने पहले निलंबित कर दिया गया था। आरोप था कि स्थानांतरण से बचने के लिए नियमविरुद्ध तरीके से 60 दिन का उपार्जित अवकाश स्वीकृत कराकर वह संबंधित कार्यालय में बिना सूचना दिए छुट्टी पर चला गया था। उधर पुलिस के मुताबिक, सोमवार को वह जिस बाइक से घूमता मिला, उसे अपने दोस्त की बताता रहा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें