सिविल लाइंस में सोमवार शाम चेकिंग के दौरान एडीजी जोन ने बड़ी कार्रवाई की। उन्होंने बगैर मास्क के बिना नंबर की पांच लाख रुपये कीमत की बाइक से घूमते मिले एसएसपी के पूर्व स्टेनो एसआई गौरव तिवारी को पकड़ लिया। उनके आदेश पर पुलिसकर्मी उसे सिविल लाइंस थाने ले गए। जहां धारा 144 के उल्लंघन के साथ ही सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने समेत अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। बाद मेें उसे मुचलके पर रिहा कर दिया गया।
घटना सोमवार रात आठ बजे के करीब हुई। एडीजी जोन प्रेमप्रकाश के नेतृत्व में फोर्स सिविल लाइंस में सुभाष चौराहे पर मास्क न लगाने वालों व वाहनों
की चेकिंग में लगी थी। इसी दौरान वहां पांच लाख रुपये कीमत वाली हार्ले डेविडसन बाइक से एसएसपी का पूर्व स्टेनो एसआई गौरव तिवारी पहुंच गया।
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आरोप है कि उसने मास्क नहीं पहना हुआ था और उसकी बाइक पर नंबर भी नहीं था। नजर पडऩे पर एडीजी ने वहां मौजूद पुलिसकर्मियों को उसे रोकने को कहा। आरोप है कि कहने के बावजूद नहीं मानने पर जबरन रोककर पूछताछ शुरू की गई तो पूर्व स्टेनो संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। जिसके बाद एडीजी के आदेश पर पुलिसकर्मियों ने उसे हिरासत में ले लिया।
इसके बाद पुलिस बाइक समेत उसे थाने लेकर आई। यहां एसआई भारत सिंह की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। इंस्पेक्टर रविंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर धारा 144 के उल्लंघन के साथ ही सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने समेत अन्य आरोपों में एफआईआर दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। मुकदमा सात साल से कम सजा वाली धाराओं में होने के कारण नोटिस तामील कराकर उसे मुचलके पर छोड़ दिया गया। उधर एडीजी जोन की इस कार्रवाई से जिले भर के पुलिसकर्मियों में हडक़ंप मचा रहा।
अनियमितता में हुआ था निलंबित
सिविल लाइंस में जिस पूर्व स्टेनो गौरव तिवारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया, उसे अनियमितता समेत अन्य आरोपों में करीब ढाई महीने पहले निलंबित कर दिया गया था। आरोप था कि स्थानांतरण से बचने के लिए नियमविरुद्ध तरीके से 60 दिन का उपार्जित अवकाश स्वीकृत कराकर वह संबंधित कार्यालय में बिना सूचना दिए छुट्टी पर चला गया था। उधर पुलिस के मुताबिक, सोमवार को वह जिस बाइक से घूमता मिला, उसे अपने दोस्त की बताता रहा।