कर्मचारी चयन आयोग ( एसएससी) की परीक्षाओं में यूएफएम (अनफेयर मीन्स)को लेकर विवाद खत्म नहीं हो रहा है। परीक्षार्थी यूएफएम मामले को लेकर कई बार ट्विटर पर अभियान चला चुके हैं। यूएफएम मामले पर एसएससी की ओर से गठित कमेटी जांच कर रही है।
विभागीय सूत्रों की माने तो जांच रिपोर्ट अगले महीने जून तक आ जाएगी। आयोग की परीक्षाओं में यूएफएम व्यवस्था लागू कर दिए जाने से लाखों अभ्यर्थी परेशान हैं। सीएचएसएल 2018 टियर 2 के 4500 से ज्यादा उम्मीदवारों को लिखित परीक्षा में यूएफएम देकर आयोग्य करार दिया गया था। उम्मीदवारों ने लेटर राइटिंग में काल्पनिक पता लिखा था।
इसी प्रकार एमटीएस 2019 पेपर 2 , सीजीएल 2018 टियर 3 के कई उम्मीदवारों ने भी लेटर राइटिंग में काल्पनिक पता लिख दिया है। इन परीक्षार्थियों को अब डर सता रहा है कि अच्छे नंबर होने के बाद भी फेल (यूएफएम) न कर दिया जाए। एसएससी की ओर से इस मामले की जांच के लिए कमेटी का गठन किया गया है।आयोग ने इस संबंध में 15 अप्रैल को नोटिस जारी करके कमेटी गठित की थी।
अभ्यर्थी परेशान हैं कि जांच का काम कहां तक पहुंचा। जांच कमेटी के सदस्य कौन हैं और कमेटी की रिपोर्ट कब आएगी। एसएससी के अधिकारी का इस मामले में कहना हैं कि जांच कमेटी में वरिष्ठ शिक्षाविद शामिल हैं। कमेटी जांच पूरी करके समय से अपनी रिपोर्ट देगी। जांच का काम तेजी से चल रहा है। इसमें एसएससी की कोई भूमिका नहीं है। जांच पूरी पारदर्शिता से चल रही है। कमेटी के सदस्य जून के अंत तक सम्भवतः अपनी रिपोर्ट देंगे।