एसएससी की भर्तियों में फोटो मिक्सिंग के जरिए भर्ती माफिया घुसपैठ करते थे। इसलिए पिछले वर्ष एसएससी ने वेबसाइट बदली और स्कैन फोटो के बजाय तत्काल फोटो अपलोड करने की व्यवस्था कर दी। अब आवेदन भरते समय ही अभ्यर्थी का लाइव फोटो खींचा जाता है।
कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की ओर जारी भर्तियों के आवेदन में गलती हो गई तो उसे सुधारने के लिए एक माैका दिया जाएगा। उस गलती के बारे में अभ्यर्थी को ई- मेल और मैसेज के जरिए बताया जाएगा। इसकी शुरुआत पिछले महीने सीजीएल के आवेदन से शुरू की गई थी। प्रयोग सफल होने पर इसे सभी भर्तियों में अपनाने का आदेश दिया गया है। इससे कम से कम आवेदन रद होंगे।
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एसएससी की भर्तियों में फोटो मिक्सिंग के जरिए भर्ती माफिया घुसपैठ करते थे। इसलिए पिछले वर्ष एसएससी ने वेबसाइट बदली और स्कैन फोटो के बजाय तत्काल फोटो अपलोड करने की व्यवस्था कर दी। अब आवेदन भरते समय ही अभ्यर्थी का लाइव फोटो खींचा जाता है। इस व्यवस्था से तमाम आवेदकों का फोटो ठीक से अपलोड नहीं होती है। इसलिए हजारों अभ्यर्थियों के आवेदन रद हो रहे थे। आवेदन रद न हो, इसके लिए एसएससी ने सीजीएल भर्ती से नई व्यवस्था शुरू कर दी है।
आवेदन लेने के बाद एसएससी की ओर से उसकी जांच हो रही है। जांच में जिनके फोटो, हस्ताक्षर मानक के अनुसार नहीं थे या कुछ अन्य कमियां थी। उनको ई- मेल और मैसेज जरिए सूचना दी गई। फिर से दो दिन में वेबसाइट पर संशोधन का माैका दिया। सीजीएल में यूपी और बिहार के 78,370 उम्मीदवारों के आवेदन में कमियां थीं।
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एसएससी ने अभ्यर्थियों को संशोधन का माैका दिया तो 67,374 ने सुधार कर लिया और आवेदन रद होने से बच गए। इसके बाद मल्टी टास्किंग स्टाफ (एमटीएस) भर्ती में इस प्रक्रिया को अपनाया गया। इसका संशोधन 16 और 17 अगस्त को किया गया है। आने वाले दिनों में स्टेनोग्राफर और हिंदी अनुवादक भर्ती में भी इसे अपनाया जाएगा। इससे आवेदन रद नहीं होंगे और फर्जीवाड़ा पर रोक लगेगी।