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SRN Hospital : एसआरएन अस्पताल में दो महीने बाद फिर से शुरू हुई रेडियोथेरेपी, लाइसेंस रिन्यू का फंसा था पेच

Sat, 16 Nov 2024 04:19 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

दो महीने से रेडियोथेरेपी पूरी तरह बंद थी। मानक पूरे नहीं होने पर मुंबई की एटॉमिक एनर्जी रेगुलेटरी बोर्ड (एईआरबी) ने रेडियोडाग्नोसिस के लाइसेंस को एक साल से रिन्यू नहीं किया था। इसका प्रभाव रेडियोथेरेपी विभाग पर भी प्रभाव पड़ा।
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एसआरएन अस्पताल। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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लाइसेंस रिन्यू होने के बाद स्वरूप रानी नेहरु अस्पताल (एसआरएन) में रेडियोथेरेपी फिर से शुरू हो गई है। दो महीने से रेडियोथेरेपी पूरी तरह बंद थी। मानक पूरे नहीं होने पर मुंबई की एटॉमिक एनर्जी रेगुलेटरी बोर्ड (एईआरबी) ने रेडियोडाग्नोसिस के लाइसेंस को एक साल से रिन्यू नहीं किया था। इसका प्रभाव रेडियोथेरेपी विभाग पर भी प्रभाव पड़ा।

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वर्ष 2018 में एईआरबी ने मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के नाम पर रेडियोडाग्नोसिस विभाग को लाइसेंस दिया था। हर पांच वर्ष में इसका रिन्यूअल होता है। लाइसेंस की अवधि में हर साल अल्ट्रासाउंड और एक्सरे की मशीन की गुणवत्ता को परखा जाना था। एमएलएन मेडिकल कॉलेज को इसकी रिपोर्ट एईआरबी को देनी थी।

इस दौरान देखा जाता कि मरीज की जांच के दौरान मशीन से निकल रहा रेडिएशन मानक के अनुरूप है या नहीं। मगर लापरवाही की वजह से इस काम को ठीक ढंग से नहीं किया गया। वर्ष 2020 में निरीक्षण के दौरान एईआरबी की टीम को एक्सरे व अल्ट्रासाउंड मशीन मानकों के अनुरूप नहीं मिली। इस टीम ने आपत्ति जताई थी।
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वहीं, वर्ष 2023 में अवधि समाप्त होने के बाद एईआरबी ने लाइसेंस रिन्यू करने से इन्कार कर दिया। करीब एक साल तक लाइसेंस रिन्यू कराने के लिए एमएलएन मेडिकल कॉलेज को तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस वजह से करीब दो महीने पहले कैंसर मरीजों को मिलने वाली निशुल्क रेडियोथेरेपी की प्रक्रिया रोकनी पड़ी और मरीजों को आसपास के जिलों में रेफर किया जाने लगा।

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ढाई-ढाई महीने की रहती है प्रतीक्षा सूची

एसआरएन अस्पताल के रेडियोथेरेपी विभाग में ढाई-ढाई महीने तक मरीजों की प्रतीक्षा सूची रहती है। निजी अस्पताल में रेडियोथेरेपी कराने के लिए मरीजों को दो से ढाई लाख रुपये तक देने पड़ते हैं। वहीं, एसआरएन अस्पताल में रेडियोथेरेपी कैंसर के मरीजों को निशुल्क उपलब्ध है। यहां सिर्फ प्रयागराज ही नहीं बल्कि अन्य जिलों के मरीज भी रेडियोथेरेपी कराने आते हैं। प्रतिदिन 70 से 80 मरीजों की रेडियोथेरेपी होती है।

लाइसेंस रिन्यू को लेकर कुछ समय के लिए परेशानी आई थी। इसे अब दूर कर लिया गया है। कैंसर मरीजों को निशुल्क रेडियोथेरेपी की सुविधा दी जा रही है। - डॉ. अजय सक्सेना, प्रमुख अधीक्षक, एसआरएन अस्पताल
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