Prayagraj News : अपनी मांगों को लेकर एसआरएन हास्पिटल में प्रदर्शन करते जूनियर डॉक्टर।
- फोटो : प्रयागराज
जबकि, अस्पतालों में मरीजों की लगातार संख्या बढ़ने से जूनियर रेजिडेंट पर काम का दबाव काफी बढ़ता जा रहा है। जूनियर डॉक्टर सिद्धार्थ और कपीश ने बताया कि अस्पतालों में तीन सत्रों में से दो सत्रों की जिम्मेदारी जूनियर रेजिडेंट मिलकर संभाल रहे हैं। इस तरीके से ज्यादातर जूनियर रेजिडेंट के जिम्मे ही हॉस्पिटल चलाया जा रहा है।
Prayagraj News : एसआरएन हास्पिटल में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल के चलते परेशान मरीज।
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इससे अस्पतालों में बहुत सारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि चिकित्सकों की बारी कमी की वजह से लगातार मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वार्डों के सामने दिन भर लंबी लाइनें लग रही हैं। बावजूद इसके चिकित्सकों की भर्ती पर रोक लगा दी गई है। प्रदर्शनकारी जूनियर रेजिडेंट और इंटर्न करने वाले छात्रों ने सरकार से अपील की कि जल्द भर्ती शुरू की जाए। इस बार कोविड संक्रमण के कारण पहले ही सेशन देर से शुरू हुआ है।
इसी वजह से नीट पीजी की परीक्षा जो जनवरी में होनी थी, वह सितंबर में हो पाई है। जूनियर रेजिडेंट ने चेताया कि काउंसलिग की प्रक्रिया जल्द शुरू नहीं की गई तो उनकी हड़ताल आगे भी जारी रहेगी। जूनियर डॉक्टरों ने मंगलवार को भी ओपीडी के बहिष्कार का एलान किया। उधर,एसआरएन अस्पताल प्रशासन का कहना है कि ओपीडी में सीनियर डॉक्टर बैठेंगे। मरीजों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।