शहर के स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय, बेली, कॉल्विन अस्पतालों में सामान्य ओपीडी को बंद कर दिया गया है। केवल इमरजेंसी सुविधाएं चल रही हैं। जब तक लॉकडाउन रहेगा तब तक ऐसी ही स्थिति बनी रहेगी।
पीएम मोदी ने 22 मार्च को जनता कर्फ्यू की घोषणा की थी लेकिन प्रदेश सरकार ने उसके एक दिन पहले ही भीड़ एकत्र होने की डर से बेली, कॉल्विन, डफरिन, टीबी अस्पताल, एसआरएन चिकित्सालय की ओपीडी सेवा को पूरी तरह से बंद कर दिया गया। हालांकि, इमरजेंसी सेवाएं बहाल रखी गई हैं। अस्पताल में ओपीडी सेवाओं के ठप होने के बाद पूरी तरह से अस्पताल प्रशासन की ओर से कोरोना की तैयारियाें पर ही जोर दिया जा रहा है। कोरोना मरीजों के उपचार का मुख्य जोर मेडिकल कॉलेज के अस्पताल एसआरएन चिकित्सालय पर ही है। यहां मेडिसिन, ईएनटी, पल्मोनरी मेडिसिन, माइक्रोबायोलॉजी विभाग की संयुक्त टीमें बनाई गईं हैं।
किसी अन्य बीमारी के बारे में बात ही नहीं की जा रही है। चिकित्सालय प्रशासन लगातार कोरोना तेयारियों में लगा है। मंगलवार को वहां गठित की गई टीमें काम करती नजर आईं। चिकित्सालय के एसआईसी डॉ. एके श्रीवास्तव ने कहा कि अन्य मरीजों को इमरजेंसी में देखा जाएगा। जरूरत पड़ने पर ही भर्ती किया जाएगा। कार्डियो, गैस्ट्रो, गॉयनी और दुर्घटना की चपेट में आने वाले सभी इमरजेंसी में ही पहुंचेंगे। मरीजों की जरूरत के आधार पर विभागों की इमरजेंसी भेज दिया जाएगा।