इनके पास से बरामद एक नोकिया मोबाइल हैंडसेट की जांच से सर्विलांस के माध्यम से हमले की साजिश रचने वालों का नाम सामने आया। पुलिस ने जम्मू के आसिफ इकबाल उर्फ फार्रुख पुत्र मो. वशीर निवासी सखी मैदान थाना मेंडर जिला पुंछ के अलावा यहीं के मो. नसीम, मो. अजीज, शकील अहमद और सहारनपुर के डा. इरफान को गिरफ्तार किया था। घटना की प्राथमिकी थाना रामजन्म भूमि में पहले अज्ञात के खिलाफ दर्ज कराई गई थी। विवेचना के बाद पुलिस ने पांचों के खिलाफ आरोपपत्र जिला न्यायालय फैजाबाद में दाखिल किया। हाईकोर्ट के निर्देश पर बाद में सुनवाई इलाहाबाद जिला अदालत में स्थानांतरित कर दी गई। करीब 14 साल चले मुकदमे में मंगलवार को फैसला सुनाया गया।
किन धाराओं में मिली कितनी सजा
चारों अभियुक्त मो. असिफ इकबार उर्फ फार्रुख, मो. नसीम, शकील अहमद और डा. इरफान को अदालत ने धारा 302 व 120 बी (हत्या और आपराधिक षड़यंत्र) में आजीवन कारावास, 20 हजार रुपये प्रत्येक पर जुर्माना, हत्या के प्रयास में सात साल और 20 हजार रुपये जुर्माना - धारा 153 (ए),(बी), 353 और 295, 120 बी (दो सम्प्रदायों में विद्व्रेष पैदा करना,राष्ट्रीय एकता पर प्रतिकूल प्रभाव डालने का कार्य सुरक्षाबलों पर हमला धार्मिक स्थल पर हमला और आपराधिक षड्यंत्र) में छह- छह माह का कारावास
-धारा 18,19 और 20 विधि विरुद्ध क्रियाकलाप अधिनियम में क्रमश: 10 वर्ष कैद, 10 हजार रुपये जुर्माना, सात साल कैद, पांच हजार जुर्माना और दस साल कैद,10 हजार जुर्माना के अलावा लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम की धारा चार में पांच साल कैद और पांच हजार जुर्माने की सजा सुनाई।
इन आरोपों में हुए बरी
अदालत ने चारों अभियुक्तों को 147,148,353 और 120 बी (क्रमश: बलवा, खतरनाक हाथियार रखना, सुरक्षा बलों पर हमला और आपराधिक षड्यंत्र) आईपीसी तथा धारा 7 क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंड एक्ट और धारा 16 विधि विरुद्ध क्रियाकलाप अधिनियम में अभियुक्तों को दोषी नहीं पाते हुए इन आरोपों से दोषमुक्त किया है।