Special CBI court sent Junkey to judicial custody
व्यवसायी मोहित जायसवाल का अपहरण करके देवरिया जेल ले जाकर पिटाई करने तथा जबरन हस्ताक्षर कराकर कंपनी हस्तांतरित कराने के मामले में गिरफ्तार पूर्व सांसद अतीक अहमद के साले जकी अहमद को सीबीआई की विशेष अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भिजवा दिया है। सीबीआई ने प्रयागराज में बुधवार को एक साथ अतीक के छह ठिकानों पर छापेमारी के दौरान जकी को उसके घर से गिरफ्तार किया था। अबतक इस मामले में अतीक समेत कुल 10 आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं, जबकि पूर्व सांसद का बेटा मोहम्मद उमर फरार चल रहा है।
गुरुवार को सीबीआई के डिप्टी एसपी प्रशांत श्रीवास्तव ने जकी अहमद को विशेष अदालत के समक्ष पेश कर उसका न्यायिक रिमांड मांगा। सीबीआई के विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट पीयूष त्रिपाठी ने जकी को न्यायिक हिरासत में लेने का आदेश दिया। थाना कृष्णानगर से संबधित इस मामले की विवेचना पहले स्थानीय पुलिस कर रही थी। विवेचना के दौरान पुलिस ने इस मामले में अतीक के दो गुर्गों गुलाम इमामुद्दीन व इरफान को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। 16 जनवरी, 2019 को अतीक अहमद का भी इस मामले में न्यायिक रिमांड हासिल किया।
उस दौरान अतीक एक दूसरे मामले में बरेली जेल में न्यायिक हिरासत में निरुद्ध था। विवेचना के बाद पुलिस ने इस मामले में अतीक अहम समेत कुल आठ अभियुक्तों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया लेकिन बाद में सुप्रीम कोर्ट के आदेश से इस मामले की विवेचना सीबीआई करने लगी। सीबीआई की विवेचना के दौरान आरोपी जफरुल्लाह आत्मसमर्पण कर न्यायिक हिरासत में जेल चला गया था। दूसरी तरफ सीबीआई की विशेष अदालत ने इस मामले में निरुद्ध आरोपी मोहम्मद फारुख की पुलिस कस्टडी रिमांड के लिए 22 जुलाई की तारीख तय की है। सीबीआई ने पूछताछ के लिए उसका पांच दिन का पुलिस कस्टडी रिमांड मांगा है।