सीएए, एनआरसी और एनपीआर के विरोध में महिलाओं का मंसूर अली पार्क में धरना लगातार 30वें दिन जा रहा। इस दौरान एसपी सिटी ने अपने कार्यालय मेें बुलाकर कुछ प्रदर्शनकारियों को समझाया। महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर उनसे प्रदर्शन खत्म करने को भी कहा।
घंटों चली सकारात्मक वार्ता में प्रदर्शनकारियों ने भी अपनी बात रखी। उधर धरने के समर्थन में जुलूस पहुंचने का क्रम देर रात तक जारी रहा। महिलाओं ने कानपुर में बलपूर्वक आंदोलन खत्म कराने तथा दिल्ली में जामिया मिल्लिया के विद्यार्थियों के साथ झड़प की भी कड़े शब्दों में निंदा की।
एसपी सिटी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने कार्यालय में सोमवार को धरने की अगुवाई करने वालों के साथ वार्ता की। साथ ही प्रदर्शनकारी महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा व शांतिव्यवस्था कायम रखने के मद्देनजर प्रदर्शन खत्म करने की अपील की। इस दौरान सीओ शाहगंज उमेश शर्मा व सीओ बैरहना रत्नेश सिंह के साथ संबंधित थानोें के इंस्पेक्टर भी मौजूद रहे। जिस पर महिलाओं ने शांतिपूर्वक धरना जारी रखने की घोषणा की। आंदोलन की अगुवाई करने वाली सारा अहमद सिद्दीकी का कहना था कि यह संवैधानिक अधिकारों के रक्षा की लड़ाई है। उन्होंने आंदोलन में शामिल लोगों को सेनानी का दर्जा दिया।
एआईएमआईएम के अफसर महमूद, सपा के सै.मो.अस्करी, कांग्रेस के इरशाद उल्ला ने आंदोलनकारियों पर कार्रवाई की कठोर शब्दों में निंदा की। सीएए के विरोध में अटाला, करेली, खुल्दाबाद आदि स्थानों से सोमवार को भी महिलाओं ने जुलूस निकाला और धरने में शामिल र्हुइं। धरना स्थल पर जुलूस पहुंचने और संबोधन, गीत आदि का दौर देर रात तक चलता रहा।