सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का सोमवार को प्रयागराज का दौरा राजनीतिक नहीं था लेकिन करीब चार घंटे के कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कई समीकरण साधे। उन्होंने ब्राह्मणों के एक वर्ग की भाजपा से नाराजगी को हवा देने के साथ उन्हें पार्टी में आगमन का खुला आमंत्रण भी दिया।
ब्राह्मण एक समय कांग्रेस के परंपरागत वोटर रहे। बीच में वह बसपा की सोशल इंजीनियरिंग का हिस्सा रहे। भाजपा की सरकार बनाने में भी इनकी बड़ी भूमिका मानी जाती है लेकिन आज इनका एक वर्ग भाजपा से नाराज बताया जा रहा है। मनोज पांडेय, विनय पांडेय समेत अनेक लोगों को पार्टी में शामिल करके अब अखिलेश यादव ने उन्हें साधने की कोशिश की है। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ केसरसंघ चालक मोहन भागवत शुक्रवार और शनिवार को यहीं पर थे तो रविवार को कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने घूरपुर के बसवार गांव में जाकर निषादों से दुख-दर्द साखा किया।
ऐसे में अखिलेश यादव के प्रयागराज आगमन और ब्राह्मणों के आमंत्रण वाले कदम को सियासी हलके में और महत्व दिया जा रहा है। अखिलेश ने ब्राह्मण नेताओं को पार्टी में शामिल करने के साथ अन्य लोगों को भी आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि भाजपा में ब्राह्मण ही सभी वर्ग के लोग उपेक्षित हो रहे हैं। वहीं सपा ने हमेशा इनका सम्मान किया है। सपा ने परशुराम जयंती और विश्वकर्मा पूजन के दिन छुट्टी की घोषणा की थी लेकिन भाजपा सरकार ने दोनों अवकाश खत्म कर दिए। पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा से नाराज अन्य वर्ग के लोगों को भी आमंत्रित किया।
बंद कमरे में दिग्गजाें संग 2022 की रणनीति पर चर्चा
सपा नेता सलीम शेरवानी के आवास पर एक घंटा से भी अधिक समय तक रुके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव कई चर्चाओं को जन्म दे गए। दूसरे दलों के कई वरिष्ठ नेताओं तथा अन्य प्रमुख लोगों ने बंद करने में उनसे मुलाकात की। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि चौंकाने वाले कई प्रमुख लोगों के पार्टी में शामिल होने की जल्द ही घोषणा हो सकती है। चुनाव नजदीक आने के साथ सत्ताधारी दल के कई नेताओं के सपा में शामिल होने के अखिलेश यादव के संकेत को भी इस बैठक से जोड़कर देखा जा रहा है।
अखिलेश यादव ने सलीम शेरवानी के आवास पर एक-एक करके कई लोगों से मुलाकात की। इनमें नेताओं के अलावा प्रोफेसर्स, अधिवक्ता समेत कई अन्य प्रमुख लोग शामिल रहे। बताया जा रहा है कि उन्होंने पार्टी में आस्था दिखाई है। हालांकि, उनकी भी कुछ शर्तें होने की बात कही जा रही है। बैठक के दौरान मौजूद रहे साद केशरवानी ने संपर्क करने वालों के बारे में कुछ भी बोलने से मना कर दिया लेकिन इतना जरूर कहा कि जल्द ही बड़ी घोषणा हो सकती है। अखिलेश यादव ने चुनिंदा नेताओं तथा अन्य लोगों के साथ बैठक में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा की।