लखनऊ में बदलते राजनीतिक तापमान को इलाहाबाद के सपाइयों ने भी शनिवार को पल-पल महसूस किया। शनिवार सुबह 10 बजे से ही टीवी के सामने जुटे लोग दोपहर दो बजे तक जब तक पारिवारिक/राजनीतिक विवाद सलट नहीं गया हिले भी नहीं। इस दौरान सियासी तापमान कभी अर्श पर तो कभी फर्श पर महसूस हुआ। शनिवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह के सुलह समझौते के पहले जहां कोई सपाई चुप्पी तोड़ने को तैयार नहीं था वहीं दोपहर बाद अखिलेश का निलंबन वापस होने की खबर मिलते ही सपाइयों ने जमकर खुशी मनाई। दोपहर तक मुलायम, शिवपाल के खिलाफ गुस्से का इजहार करने वाले सपाइयों ने सहजता से कहा कि ये तो होना ही था। इस दौरान बैरहना में अखिलेश समर्थक युवजन सभा के पूर्व उपाध्यक्ष अरुण गुप्ता ने अखिलेश का नया पोस्टर जारी कर उन्हें भगवान विष्णु के अवतार में दिखा दिया।
पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को जैसे ही ये खबर मिली कि अखिलेश और रामगोपाल का निलंबन वापस हो गया है, वे पार्टी के जार्जटाउन स्थित कार्यालय पहुंच गए। एक दिन पहले मुख्यमंत्री के निलंबन के पूर्व पार्टी कार्यालय में जहां सन्नाटा पसरा हुआ था, वहीं शनिवार दोपहर यहां जश्न का माहौल बन गया। इस दौरान यहां एक दूसरे को मिठाइयां खिलाकर बधाई दी गई। यहां केके श्रीवास्तव, नाटे चौधरी, राकेश यादव, संदीप विश्वकर्मा, विजय बहादुर पटेल आदि मौजूद रहे। इसके पूर्व सुबह सिविल लाइंस में अखिलेश समर्थकों ने शिवपाल यादव और अमर सिंह के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली।
सपा छात्रसभा के नगर उपाध्यक्ष आकिब जावेद के नेतृत्व में शिवपाल और अमर सिंह को पूरे घटनाक्रम के लिए दोषी करार दिया गया। इसके पूर्व अखिलेश समर्थकों द्वारा सुभाष चौराहे पर अमर सिंह के पुतले की शवयात्रा निकाल कर उसका दहन किया। इस दौरान मो. अस्करी, प्रशांत साहू, मो. हमजा, विजय माथुर, रोहित यादव आदि मौजूद रहे। इस पूरे घटनाक्रम के बाद सपा के पूर्व नगर अध्यक्ष केके श्रीवास्तव ने मुलायम परिवार की एकता पर हर्ष व्यक्त किया। कहा कि आने वाले समय के लिए ये शुभ लक्षण हैं। उधर इस निर्णय के बाद सपा महिला सभा की प्रदेश सचिव पूजा मिश्रा भी अखिलेश यादव को बधाई देने के लिए लखनऊ रवाना हो गईं।
समाजवादी पार्टी में शुक्रवार की शाम से लेकर शनिवार की दोपहर तक चली राजनीतिक उथल पुथल को भाजपा ने पारिवारिक ड्रामा बताया है। शनिवार को भाजपा कार्यालय में हुई बैठक में कहा गया कि समाजवादी परिवार के ड्रामे का हास्यास्पद समापन हुआ है।
नगर अध्यक्ष अवधेश चंद्र गुप्ता के नेतृत्व में हुई बैठक में कहा गया कि सपा के इस ड्रामे का प्रदेश की जनता पर काई असर नहीं पड़ेगा। सपा नेता सिर्फ समाज को धोखा देने के लिए पारिवारिक नाटक का मंचन कर रहे हैं। बैठक में दो जनवरी को लखनऊ में आयोजित पीएम मोदी की परिवर्तन रैली की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। इस दौरान कुंज बिहारी , आशीष गुप्ता, रवि केसरवानी, श्याम चंद्र, पवन श्रीवास्तव, अमीदा बानो, अमर वैश्य मुन्ना भइया आदि मौजूद रहे। इसी क्रम में भाजपा नेता देवेंद्र नाथ मिश्र के नेतृत्व में हुई बैठक में मुलायम सिंह यादव द्वारा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पार्टी से बाहर कर दिए जाने और उसके बाद वापस करने को नौटंकी बताया। कहा कि विकास एवं अराजकता के मुद्दे को हटाने के लिए सपा ने ये सियासी ड्रामा रचा। बैठक में कमेलश कुमार, रमेश ओझा, नरेश कुंद्रा आदि मौजूद रहे।