इलाहाबाद हाईकोर्ट ने केस डायरी में दर्ज चश्मदीद गवाहों के बयान में छेड़छाड़ और ओवर राइटिंग कर याची को अभियुक्त बनाने वाले विवेचना अधिकारी के खिलाफ एसपी हाथरस को जांच कराने और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने अपर सत्र न्यायाधीश हाथरस की ओर से याची को अपहरण के अपराध से उन्मोचित करने की अर्जी खारिज करने के आदेश को विधि विरुद्ध करार देते हुए रद्द कर दिया है। कोर्ट ने कहा है कि 10 सितंबर 20 की कंप्यूटर जेनरेटेड केस डायरी में दो अभियुक्तों का नाम है, याची का नाम नहीं है।
पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में याची का नाम नहीं लिया जबकि मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान में याची के दोनों आरोपियों के साथ रहने का बयान दिया है। चश्मदीद ने भी नाम नहीं लिया है। किंतु 28 अगस्त 20 को दर्ज केस डायरी में चश्मदीद गवाहों के बयान में छेड़छाड़, ओवर राइटिंग कर याची का नाम शामिल किया गया था। इन तथ्यों पर सत्र अदालत ने विचार नहीं करके कानूनी गलती की है।