14 साल में की थी नेशनल रिकॉर्ड की बराबरी
रेशमा ने 14 साल की उम्र में अंडर-16 के नेशनल रिकॉर्ड की बराबरी की और फिर इसके बाद अंडर-19, अंडर-20 का भी नेशनल रिकॉर्ड अपने नाम किया। 2019 में नेशनल जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप गुंटूर में 3000 मीटर में गोल्ड मेडल, 2021 में नेशनल जूनियर एथलेटिक्स गुवाहाटी में नए राष्ट्रीय रिकॉर्ड के साथ गोल्ड मेडल प्राप्त किया। इसके अलावा 2021 में फेडरेशन कप में नए रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण व इसी वर्ष चौथी इंटरनेशनल वॉक रेसिंग रांची में भी स्वर्ण पदक रेशमा ने जीता था।
एशियन गेम्स और ओलंपिक में है मेडल जीतना : रेशमा
पदक जीतने के बाद रेशमा ने कहा कि सफलता को हासिल करने की एकमात्र कुंजी है, निरंतरता। खेल कोई भी हो, अगर खिलाड़ी लगातार अभ्यास करता रहे तो सफलता जरूर मिलेगी। मेरा अगला लक्ष्य एशियन गेम्स और ओलंपिक में मेडल जीतना है।
संघर्षों भरा रेशमा का सफर
रेशमा की मार्च 2022 में पैर की सर्जरी हुई थी। उस समय भाई इंद्रजीत उनके जीवन में आशा की किरण बनकर उभरे। अभी वह अपने भाई से ही प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं।