आमने-सामने बैठाकर की पूछताछ तो खुली हकीकत
पुलिस के मुताबिक, आरोपियाें ने पूछताछ में सुपारी देकर कत्ल कराने की बात कुबूल की। कल्लू ने बताया कि उसने पांच लाख की सुपारी देकर पिता का कत्ल कराया। दरअसल, उसके पिता करीब 25-30 साल से परिवार से अलग होकर दूसरी महिला के साथ रहने लगे थे। यही नहीं वह अपनी पैतृक जमीनें धीरे-धीरे बेच भी रहे थे। जब कल्लू और उसकी मां अपना हिस्सा मांगते तो उसे जलील करते थे।
इसी के चलते उसने पिता की हत्या की साजिश रची। गांव के झोलाछाप से संपर्क किया और पांच लाख में सुपारी दी। 30 हजार एडवांस भी दिए। सुनील ने पूरामुफ्ती के मीरपुर, अहमदपुर पावनपुर गांव निवासी पांच भाड़े के कातिलों का इंतजाम किया और उन्हें पूरी योजना समझाकर वारदात अंजाम दिलवा दी। इनमें वीरेंद्र कुमार उर्फ बिन्ना, विजय बहादुर पासी, नन्हा, सुमित कुमार व अंशू उर्फ अनुज शामिल हैं।
लोहे के पाइप से किया था वार
पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए भाड़े के हत्यारोपियों ने पूछताछ में बताया कि सुनील ने उन्हें बिलासपुर गांव में ले जाकर मन्नालाल की पहचान कराई थी। इसके बाद उनमें से दो लोगों ने पांच दिन तक रेकी की। मन्नालाल रोज तड़के खेत जाया करते थे। सुनसान होने के कारण उन्होंने हत्या के लिए सुबह का वक्त चुना। घटना वाले दिन दो बदमाश रेकी करते रहे जबकि अन्य तीन मन्नालाल के पीछे लग गए। फिर मौका पाकर पीछे से सिर पर लोहे के पाइप से वारकर उन्हें मौत के घाट उतार दिया।
सभी सात आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। अब तक कि विवेचना में घटना में मृतक की पत्नी की संलिप्तता की बात सामने नहीं आई है। - दीपक भूकर, डीसीपी नगर