लखनऊ में बृहस्पतिवार को हुए मेट्रो के ट्रायल की कमान संगमनगरी की प्रतिभा ने संभाली। प्रतिभा ने इस उपलब्धि से अपने माता-पिता के साथ ही शहर का नाम भी रोशन किया है। उत्तर प्रदेश की पहली मेट्रो चलाकर प्रतिभा ने यह साबित कर दिया कि बेटियां किसी से कम नहीं नहीं है। मन में सच्ची लगन हो तो सब कुछ हासिल किया जा सकता है।
तीन बहनों में सबसे बड़ी प्रतिभा के पूरे परिवार को उन पर नाज है। इफ्को फूलपुर टाउनशिप में रहने वाले प्रतिभा के पिता वीएस यादव ने ‘अमर उजाला’ से खास बातचीत की। बेटी की इस उपलब्धि की खुशी उनकी आवाज की खनक से साफ पता चल रही थी। बताया कि प्रतिभा पर मेट्रो चलाकर उनका सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। तीन बेटियों के पिता वीएस यादव ने कहा कि उन्होंने बेटियों को कभी भी बेटों से कमतर नहीं समझा, क्योंकि उन्हें पता है कि बेटियों को अगर आगे बढ़ने का मौका दिया जाए तो वह सफलता जरूर हासिल करती हैं। बृहस्पतिवार उनके लिए जश्न का दिन है। आस पड़ोस, दोस्तों और रिश्तेदारों के फोन शुभकामनाएं देने के लिए दिन भर आते रहे।
प्रतिभा ने 2013 में बरेली से इलेक्ट्रानिक्स एंड कम्युनिकेशंस में बीटेक किया है। बीटेक के बाद वह इंजीनियरिंग सर्विसेज की तैयारी करती रही। जून 2016 में लखनऊ मेट्रो के लिए प्रतिभा ने आवेदन किया। जिसमें उनका सेलेक्शन हुआ। प्रतिभा की एक बहन सलोनी चेन्नई से इंटामीडिएट और दूसरी बहन सृष्टि केंद्रीय विद्यालय फूलपुर में नौंवी क्लास में पढ़ती हैं। मां पूनम यादव गृहिणी हैं।