इलाहाबाद। संगमनगरी में गुंडागर्दी और माफियागिरी में लगातार इजाफा हो रहा है। गुंडई भी इस कदर कि पुलिस भी सकते में हैं। धूमनगंज के मुंडेरा की घटना ने कारोबारियों और आम शहरियों को दहशत में दिया है। ऐसी गुंडई कि दो घंटे में लबे सड़क तीन वारदातें कर डालीं। इसी तरह माफिया का भी जोर बढ़ता जा रहा है। पुलिस ने छह नए माफिया और पांच दर्जन से ज्यादा गुंडे चिह्नित किए हैं। पुलिस का कहना है कि नए और पुराने सभी माफिया और गुंडों पर नजर रखी जा रही है। मगर दिखता यही है कि पुलिस का इन पर जोर नहीं है।
इलाहाबाद पुलिस के जिला अपराध अभिलेख शाखा (डीसीआरबी) में मौजूद माफियाओं की लिस्ट में हाल ही में छह नए नाम जोड़े गए हैँ। अब पुलिस रिकार्ड में 58 माफिया हो गए हैं। नए माफिया में पांच भू-माफिया अरविंद महरा, प्रदीप महरा, पूरन त्रिपाठी, सुजीत सिंह और देवेंद्र तिवारी उर्फ रानू तथा एक परिवहन माफिया जीतेंद्र सिंह है। यह भी गौर करने वाली बात है कि सभी पांच नए भू-माफिया नैनी इलाके के रहने वाले हैं। अरविंद महरा और प्रदीप महरा नैनी में अरैल, देवेंद्र तिवारी उर्फ रानू धनुआ गांव, पूरन त्रिपाठी गोमती नगर और सुजीत सिंह चक दाऊद नगर का रहने वाला है।
सच भी यही है कि पिछले कुछ अरसा में जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर मारपीट और कत्ल की ज्यादातर घटनाएं नैनी इलाके में ही घटी हैं। जमीन पर जबरन और अवैध कब्जे को लेकर पिछले दिनों पूरन त्रिपाठी, इंस्पेक्टर दिनेश त्रिपाठी के पुत्र आलोक त्रिपाठी, भोला प्रजापति समेत कई लोगों के खिलाफ नैनी थाने में मुकदमे लिखे गए हैं। भोला और पूरन पर तो कत्ल के भी मुकदमे हैं। इसके अलावा पिछले छह महीने में शहर और देहात के थानों की पुलिस ने 65 नए गुंडों को चिह्नित कर गुंडा एक्ट की कार्रवाई की। पुलिस तो कह रही है कि माफिया और गुंडों को चिह्नित कर उनके खिलाफ सख्ती की जा रही है मगर धूमनगंज की घटना से साफ है कि गुंडे बेखौफ हैं। जिस पांच हजार रुपये के इनामी गदऊ को पुलिस साल भर से खोज रही है, उसने दो घंटे के भीतर तीन सनसनीखेज वारदातें अंजाम दे डालीं और तीन रोज बाद भी पुलिस उसे दबोच नहीं सकी है।
पुलिस की माफिया की सूची में पांच बार विधायक और एक बार सांसद रहे अतीक अहमद का नाम पहले नंबर पर है। उनके खिलाफ गुंडा और गैंगस्टर की कार्रवाई हो चुकी है और 1988 में ही खुल्दाबाद थाने में हिस्ट्रीशीट खोल दी गई थी। उनके सगे भाई खालिद अजीम उर्फ अशरफ को अपराधी माफिया और चचेरे भाई हमजा उस्मान को ठेकेदार माफिया चिह्नित किया गया था। चाका के पूर्व ब्लाक प्रमुख दिलीप मिश्रा, नैनी के गंजिया का पूर्व पार्षद जावेद उर्फ पप्पू गंजिया, सपा विधायक विजमा यादव के भाई रामलोचन यादव को भी भू माफिया चिह्नित किया जा चुका है। सुलेमसराय का पूर्व पार्षद बच्चा पासी, गैंगस्टर राजेश यादव, मरियाडीह के आबिद, तालिब, आसिफ, जावेद, फरहान भी चिह्नित अपराधी माफिया हैं। पत्थर खनन माफियाओं में शकंरगढ़ का डिम्पी चावला उर्फ बिजेंद्र, लोगहरा का संतोष कुमार शुक्ला, मेजा रामकुमार कोल कोरांव का लल्ला सिंह शामिल हैं। इसके अलावा अखिलेश तिवारी उर्फ मुन्ना तिवारी तथा संजय मिश्रा उर्फ मुन्ना को बालू माफिया घोषित किया गया है।
‘माफिया और गुंडों को चिह्नित कर उनके खिलाफ लगातार निरोधात्मक कार्रवाई और निगरानी की जाती है। कोशिश होती है कि वे चिह्नित होने के बाद आपराधिक गतिविधियों में लिप्त होते हैं तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाती है।’
0रमाकांत प्रसाद, एसपी क्राइम