स्मार्ट सिटी में ट्रैफिक मैनेजमेंट, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, पर्यटन, जलापूर्ति, स्वास्थ्य और सफाई पर फोकस होने की संभावना है। बृहस्पतिवार को शहर पहुंचीं यूएस-इंडिया बिजिनेस काउंसिल की तीन सदस्यीय टीम ने संभावना जताई कि बैठकों का असर मार्च तक दिखने की संभावना है। डीपीआर की हार्ड और सॉफ्ट कॉपी के साथ लौटी अमेरिकी टीम योजनाओं पर अमेरिकी कंपनियों के साथ चर्चा करेगी। इसके बाद कंपनियां इन योजनाओं में निवेश की संभावनाओं को तलाशेंगी। क्या कार्य होंगे और क्या नहीं, यह अभी तय नहीं है।
साथ ही काउंसिल की कार्यकारी अध्यक्ष डायने फैरेल ने बैठक में पहुंचे अफसरों को आइना भी दिखाया। कहा, भविष्य की जरूरतों और योजनाओं को अलग-अलग दिखाने के बजाए एक साथ बनामास्टर प्लान बनाएं, जिससे अमल में आसानी हो सके। टीम ने संभावना जताई कि योजना में अर्बन ट्रैफिक, पब्लिक ट्रांसपोर्ट में बस, रेलवे और एयरवेज, पर्यटन, जलापूर्ति और सफाई से जुड़ी योजनाओं से जुड़े कार्य पहले होंगे।
काउंसिल सदस्य निवेदिता मेहरा ने बताया कि निरीक्षण में माघ मेला, एसटीपी के साथ प्राकृतिक संसाधनों की उपलब्धता देखी गई। बड़ी संख्या में विचार मिले हैं। इनके लिए फंड के इंतजाम कहां से होंगे, अब इस पर विचार-विमर्श होगा। इसके आधार पर अमेरिकी कंपनियां भारतीय कंपनियों के साथ बातचीत और समझौते करेंगी। मेयर अभिलाषा गुप्ता, भवनाथ सिंह ने भी शहर की जरूरतों को बताया।