इन सभी के वेतन में प्रतिमाह ढाई से चार हजार रुपये की बढ़ोत्तरी भी होगी। एनसीआर की बात करें तो यहां तकरीबन छह हजार रेलकर्मियों को इस नई नीति का लाभ मिलेगा। नई व्यवस्था के तहत ग्रुप सी के योग्य कर्मचारियों की हर वर्ष परीक्षा आयोजित की जाएगी। इससे उन्हें समय से पदोन्नति मिल सकेगी। फिलहाल रेलवे की इस नई नीति से सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, एसएंडटी, स्टोर, ट्रैफिक कॉमर्शियल, पर्सनल विभाग के पर्यवेक्षक लाभान्वित होंगे।
सभी सुपरवाइजर श्रेणी के अधिकारियों को ग्रुप ए अधिकारियों के समकक्ष उच्च वेतन ग्रेड तक पहुंचने का मौका मिल सकेगा। इस बारे में रेलवे की मान्यता प्राप्त यूनियन नार्थ सेंट्रल रेलवे इंप्लाइज संघ, नार्थ सेंट्रल रेलवे मेंस यूनियन की ओर से मांग बीते कई वर्षों से की जा रही थी।
‘रेल मंत्रालय से की जा रही जोरदार मांग के परिणामस्वरूप, पुरानी ग्रेड पे से पर्यवेक्षकों के वेतनमान की बढ़ोत्तरी के बारे में रेलवे बोर्ड का प्रस्ताव 4,600 रुपये से 5,400 रुपये तक करने का वित्त मंत्रालय की ओर से अनुमोदित किया गया है।’ - आरपी सिंह, महामंत्री, नार्थ सेंट्रल रेलवे इंप्लाइज संघ