सिसई सिपाह की रहने वाली फरहीन बानो एसओ मउआइमा के खिलाफ एसएसपी कार्यालय के सामने धरने पर बैठकर जमकर हंगामा काटा। थाने में मारपीट का आरोप लगाते हुए एसओ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उसके समर्थन में आम आदमी पार्टी भी आ गई। महिला के धरना प्रदर्शन ने तूल पकड़ा तो सीओ कर्नलगंज ने एंबुलेंस से वैली अस्पताल में उपचार के लिए भेज दिया। एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने पूरे प्रकरण की जांच एसपी गंगापार को सौंप दी है।
धरने पर बैठी फरहीन का कहना है कि पिछले साल अप्रैल में गांव के ही मोहम्मद आरिफ से निकाह हुआ था। कुछ दिनों के बाद पति पत्नी के बीच विवाद हो गया। जिसकी पैरवी के लिए बराबर एसओ से अनुरोध करती रही लेकिन उनका सहयोग नहीं मिला। पिछले महीने डीएम ने एसओ को मुकदमे में मोबाइल पर निष्पक्ष कार्रवाई के आदेश दिए थे। 25 जुलाई को थाने गई, उस दिन एसओ नहीं मिले। 27 जुलाई को एसओ ने कुछ भी नहीं सुना और वह भड़क गए। भद्दी और बुरी गालियां दीं। जबरन थाने बैठा लिया और लॉक अप के पास दो महिला पुलिस कर्मियों से पीठ और कमर के नीचे पिटवाया। उस समय मेरी मां ने बचाने की कोशिश की लेकिन उनके सामने नहीं चली। वहां डाक्टर को बुलाकर मुझे पागल बताकर जेल भेजने की कोशिश की गई। एक कागज पर जबरन अपने पक्ष में लिखवाकर ही छोड़ा।
दो दिन पहले कमिश्नर के आदेश पर एसएसपी ने एसपी गंगापार को जांच सौंप दी। लेकिन डाक्टरी मुआयना नहीं हुआ। शनिवार को वह आम आदमी पार्टी के पदाधिकारियों के साथ धरने पर बैठ गई।
थाना प्रभारी तुषार त्यागी ने बताया कि महिला को थाने में मारने पीटने का आरोप गलत है। हकीकत यह है कि इसी गांव के शादी शुदा व्यक्ति आरिफ से युवती के संबंध थे। बाद में दुष्कर्म का मुकदमा हुआ तो उसने निकाह कर लिया। कुछ दिनों बाद फिर विवाद हो गया। कई महीने से वह सउदी अरब में नौकरी कर रहा है। उसी से बात न होने तथा खर्चे न को लेकर विवाद है। पुलिस ने खर्चा दिलाया और फोन पर बात भी कराई है। पूरा सहयोग किया जा रहा है।