अपराधियों के लिए ऐसे काम करेगा सिस्टम
फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम (चेहरा पहचान प्रणाली) पूरी तरह से कंप्यूटर आधारित है। इसके तहत एक विशेष सॉफ्टवेयर चिन्हित चेहरों को मिलान करता है। किसी व्यक्ति की फोटो सिस्टम में अपलोड किया जाता है तो जैसे ही वह चेहरा कैमरे के सामने आता है तो सिस्टम उसे भीड़ से भी पहचान लेगा। वहीं, एसएसपी मेला राजेश द्विवेदी ने बताया कि मेला क्षेत्र में सुरक्षा के मद्देनजर कदम उठाया गया है। ऐसा करने से अपराधियों में खौफ तो रहेगा। साथ ही पुलिस की कई टीमें कैमरों के सामने बैठकर संदिग्धों की निगरानी भी करेगी।
वाहनों के लिए एएनपीआर कैमरे
वहीं, महाकुंभ मेले के दौरान वाहन में सवार होकर अपराधी तंबुओं की नगरी में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। क्षेत्र और शहर में आने वाले वाहनों की निगरानी के लिए पुलिस ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और आटो मैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (एएनपीआर) कैमरे लगाए जा रहा है। इन कैमरों के जरिए जिले में प्रवेश करने वाले वाहनों और उसमें बैठे लोगों पर नजर रखी जाएगी।