आरोप लगाया कि भाजपा सरकार आजम खान और उनके परिवार को झूठे मुकदमे में फंसा रही है। इस मामले में शनिवार को संवाददाताओं से हुई बातचीत में सिद्धार्थ नाथ ने कहा कि सपा मुखिया को आजम खान का उत्पीड़न दिख रहा है लेकिन जनता के ऊपर किए गए उत्पीड़न कभी नहीं दिखे।
पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं शहर पश्चिम विधायक सिद्धार्थ नाथ सिंह ने शनिवार को अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि अराजकता ही सपा मुखिया की पहचान है। वह आज भी अराजकता के साथ ही खड़े हैं। दरअसल पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शुक्रवार को 12 विधायकों के साथ राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात कर रामपुर के विधायक आजम खान के उत्पीड़न का मामला उठाया था।
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आरोप लगाया कि भाजपा सरकार आजम खान और उनके परिवार को झूठे मुकदमे में फंसा रही है। इस मामले में शनिवार को संवाददाताओं से हुई बातचीत में सिद्धार्थ नाथ ने कहा कि सपा मुखिया को आजम खान का उत्पीड़न दिख रहा है लेकिन जनता के ऊपर किए गए उत्पीड़न कभी नहीं दिखे। 1982 से लेकर उनके ऊपर अब तक जो भी तहरीर है, जैसे मौलाना जौहर अली यूनिवर्सिटी के लिए आलियागंज के किसानों की जमीनों पर अवैध कब्जे के आरोपों में उनके खिलाफ 28 मुकदमे दर्ज हैं।
महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी, भैंस चोरी करने का मुकदमा आदि शामिल है। पड़ोसी से रंगदारी मानना, किताबों की चोरी, शेर की मूर्ति की चोरी का भी मुकदमा है। उनके बेेटे अब्दुल्ला आजम के दो-दो जन्म प्रमाणपत्र के आरोपों में दो मुकदमे दर्ज हैं। अखिलेश यादव ने सदन में और सदन के बाहर राज्यपाल को ज्ञापन देकर साबित किया कि आज भी अराजकता उनकी पहचान है। आजम खान ने जनता के ऊपर जो अत्याचार किए वह उन्हें दिखाई नहीं दे रहे हैं।