न कॉल लेटर भेजे, न ही नियुक्ति आदेश
जांच के दौरान एक अन्य महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया कि भर्ती प्रक्रिया के एक महत्वपूर्ण नियम कॉल लेटर व नियुक्ति आदेश भेजे जाने के संबंध में भी कार्यवाही नहीं हुई। जबकि विवि की भर्ती नियमावली में इस बात का स्पष्ट उल्लेख है कि साक्षात्कार के लिए अभ्यर्थियों को डाक या ईमेल के जरिये निर्धारित तिथि से 10 दिन पहले कॉल लेटर भेजे जाने चाहिए। इसके अलावा यह भी उल्लेखित है कि चयन के बाद नियुक्ति पत्र रजिस्ट्रार कार्यालय की ओर से तैयार किया जाएगा।
पांच पदों पर बिना आवेदन नियुक्ति
सूत्रों का कहना है कि चिह्नित 69 में से पांच पद ऐसे रहे, जिनमें बिना आवेदन पत्र के ही चयन की बात सामने आई। चयनित शिक्षकों के आवेदन पत्र जांच टीम को मिले ही नहीं। ऐसे में बिना आवेदन के ही नियुक्ति प्रदान करना नियुक्ति प्रक्रिया को सवालों के घेरे में खड़ा करता है। जिन चयनितों की पत्रावली में आवेदन पत्र नहीं पाया गया, इनमें प्रोफेसर डाॅ. चंद्रकांत शुक्ला, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. शैलेश मार्कस समेत अन्य शामिल हैं।