17 सिविल वादों पर सुनवाई
हालांकि, कहा गया कि एक सिविल वाद जन्मभूमि से संबंधित नहीं है। गलती से स्थानांतरित होकर आया है। सुन्नी वक्फ बोर्ड सिविल वाद संख्या तीन, 17 और 18 में पक्षकार नहीं है। 17 मामलों की सुनवाई की गई। पक्षकारों की ओर से हलफनामे दायर किए गए। फिलहाल, अभी सुनवाई को कोई तारीख तय नहीं है। आदेश आने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
जमीन के स्वामित्व का कोई विवाद नहीं
एक पक्षकार ने मंदिर का ऐतिहासिक और पौराणिक पक्ष रखते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के पौत्र ने मथुरा मंदिर का निर्माण कराया था। मंदिर के लिए जमीन दान में मिली। इसलिए जमीन के स्वामित्व का कोई विवाद नहीं है। मंदिर तोड़कर शाही मस्जिद बनाने का विवाद है। राजस्व अभिलेखों में जमीन अभी भी कटरा केशव देव के धाम दर्ज है। कोर्ट ने तथ्य हलफनामे में दाखिल करने को कहा है।
सुप्रीम कोर्ट कर चुका है हस्तक्षेप से इन्कार
मामले में याचिका दायर कर मांग की गई थी कि श्रीराम जन्मभूमि की तर्ज पर मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद से संबंधित सिविल वादों की हाईकोर्ट में सुनवाई की जाए। न्यायमूर्ति अरविंद कुमार मिश्र ने याचिका स्वीकार करते हुए मथुरा में विचाराधीन सभी वादों की सुनवाई हाईकोर्ट में किए जाने का आदेश दिया था। इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप करने से इन्कार कर चुकी है। उसके बाद सभी सिविल वादों की सुनवाई की जा रही है।
कुल 18 मुकदमों की हाईकोर्ट में सुनवाई
भगवान श्रीकृष्ण विराजमान, ठाकुर केशव देव जी महाराज विराजमान मंदिर कटरा केशव देव, श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट, गोपाल गिरी महाराज, भगवान बाल श्रीकृष्ण विराजमान ठाकुर केशव देव जी महाराज, श्री भगवान श्रीकृष्ण लाला विराजमान, ठाकुर केशव देव जी महाराज विराजमान मंदिर कटरा केशव देव मथुरा, भगवान श्रीबाल कृष्ण केशव देव विराजमान खेवट संख्या 255 सहित कुल 18 मुकदमों की हाईकोर्ट में सुनवाई की जा रही है।