prayagraj news : इलाहाबाद विश्वविद्यालय।
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विधि संकाय के डीन और विभागाध्यक्ष प्रो. जेएस सिंह को इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) प्रशासन ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। आरोप है कि वह रात के वक्त विधि अंतिम सेमेस्टर के कुछ छात्रों को लेकर एक प्रोफेसर के घर पहुंच गए और परीक्षा को लेकर अनावश्यक दबाव बनाने लगे, जबकि संबंधित प्रोफेसर न तो विधि विभाग के शिक्षक हैं और न ही उनके पास परीक्षा नियंत्रक का पद है। डीन के इस व्यवहार को अनुचित बताते हुए इविवि प्रशासन ने यह कार्रवाई की है।
मामला एक जुलाई का है। आरोप है कि रात के वक्त प्रो. जेएस सिंह कुछ छात्रों के साथ बैंक रोड स्थित इविवि के एक प्रोफेसर के घर पहुंच गए और विधि विभाग की अंतिम सेमेस्टर की परीक्षा कराने को लेकर दबाव बनाने लगे। प्रोफेसर न तो विधि विभाग के शिक्षक हैं और न ही परीक्षा नियंत्रक, ऐसे में उन्होंने इस मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। इस पर थोड़ी बहुत कहासुनी भी हुई। मामला कुलपति तक पहुंचा तो उनके निर्देश पर रजिस्ट्रार प्रो. एनके शुक्ला ने डीन विधि संकाय प्रो. जेएस सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। नोटिस में कहा गया है कि इतनी रात में छात्रों को साथ लेकर किसी भी फैकल्टी मेंबर के घर पहुंच जाना ठीक नहीं है।
नोटिस में यह भी कहा गया है कि कुलपति की ओर से विधि विभाग की सेमेस्टर परीक्षा 15 जुलाई से ऑनलाइन मोड में कराए जाने की अनुमति दी जा चुकी है। ऐसे में विधि संकाय का डीन होने के नाते आपको परीक्षा नियंत्रक से बात करनी चाहिए थी। आपके स्तर से ऐसा कुछ नहीं किया गया, बल्कि आपके इस अनुचित व्यवहार से इविवि की कार्यप्रणाली प्रभावित हुई है। इविवि प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया है। इसी आधार पर प्रो. जेएस सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी का एक सप्ताह में जवाब मांगा गया है। इस बारे में इविवि की पीआरओ प्रो. जया कपूर का कहना है कि प्रो. सिंह को दिए गए कारण बताओ नोटिस का जवाब आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।