खुल्दाबाद थाना क्षेत्र के गाड़ीवान टोला निवासी एक दुकानदार ने बृृहस्पतिवार देर रात तमंचे से अपने कनपटी पर गोली मारकर खुदकुशी कर लिया। गोली चलने की आवाज सुनकर परिवार के लोग पहुंचे तो वह दरवाजे के बाहर खून से लथपथ मृत पड़ा था। परिजनों की सूचना पर पहुंची पुलिस पूछताछ कर शव को वहां से उठवाया। घटना के समय दुकानदार कमरे में अकेला था। उसने आत्महत्या क्यों कि, इस बात को परिवार वाले भी नहीं बता पाए।
खुल्दाबाद के गाड़ीवान टोला निवासी राज किरन शुक्ला (43) डफरिन अस्पताल के सामने किराना स्टोर और पान की दुकान चलाते थे। वह चार भाई में सबसे छोटे थे। परिवार में पत्नी स्वाति शुक्ला के अलावा एक बेटी है। भतीजे कृत शुक्ला ने बताया कि उनके चाचा दूसरे तल पर अपने परिवार के साथ रहते थे। जबकि, दो भाई राज कुमार और पंकज शुक्ला का परिवार भू तल पर रहता है। वहीं एक और भाई वहां से हटकर अलग घर बनाकर अपने परिवार के साथ रहते है। भतीजे ने बताया कि उनके चाचा हर रोज की तरह बृहस्पतिवार रात करीब 11 बजे दुकान बंद करके घर आए और सीधे ऊपर अपने कमरे में चले गए।
वहीं हाथ के बगल में तमंचा भी पड़ा हुआ था। परिजनों की सूचना पर पहुंची खुल्दाबाद पुलिस पूछताछ कर शव को वहां से उठवाकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। दुकानदार ने खुदकुशी क्यों की इस बात को उसके परिवार वाले भी नहीं बता पाए। आशंका जताई जा रही है कि पारिवारिक कलश के चलते दुकानदार ने आत्मघाती कदम उठाया है। इंस्पेक्टर ने सुरेंद्र वर्मा ने बताया कि बृहस्पतिवार रात करीब 12 बजे दुकानदार के तमंचे से कनपटी पर गोली मारकर आत्महत्या करने की सूचना मिली थी। परिजनों से पूछताछ कर मामले की जांच पड़ताल की जा रही है।
पांच दिन पहले पत्नी बेटी को लेकर गई थी मायके
भतीजे ने बताया कि उनकी चाची स्वाति शुक्ला पांच दिन पहले बेटी को लेकर अपने मायके कानपुर गईं थीं। भतीजे ने पति-पत्नी के बीच किसी तरह के विवाद से इंकार किया है। कहा, चाची के मायके जाते समय सबकुछ ठीक था। चाचा ने ऐसा कदम क्यों उठाया इस बात से पूरा परिवार हैरान, परेशान और दुखी है। हर रोज की बिल्कुल अच्छे मूड में चाचा बृहस्पतिवार सुबह दुकान पर गए थे। ऐसा न जाने क्या हो गया कि उन्होंने इतना बड़ा कदम उठा लिया।