कुछ दिन बाद पता चला कि थाने में गो तस्करों के खिलाफ कोई मुकदमा ही दर्ज नहीं है और ट्रक भी गायब है। इसके साथ ही जिंदा बचे गोवंश का भी गायब हैं। इसकी शिकायत पुलिस आयुक्त से की गई। अधिकारियों के आदेश पर मुकदमा दर्ज करा दिया गया।
घूरपुर में गोवंश लदे ट्रक को तस्करों समेत छोड़े जाने के मामले में पुलिस कमिश्नर ने बड़ी कार्रवाई की है। थानेदार दिनेश कुमार मौर्य, चौकी प्रभारी गौहनिया ताराचंद्र और दरोगा हर नारायण सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया है। साथ ही छह सिपाहियों को भी लाइन हाजिर किया गया है।
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विहिप गोरक्षा के प्रांत मंत्री लाल मणि तिवारी ने आरोप लगाया था कि 10 जून की रात एक ट्रक पर 12 गोवंशों को लादकर ले जाया जा रहा था। ट्रक जसरा क्रॉसिंग से पहले अनियंत्रित होकर पलट गया। सूचना पर पहुंची पुलिस क्रेन से ट्रक और जिंदा गोवंशों को थाने ले गई। हादसे में दो गोवंशों की मौत हो गई थी। उन्हें जेसीबी से दफना दिया गया।
कुछ दिन बाद पता चला कि थाने में गो तस्करों के खिलाफ कोई मुकदमा ही दर्ज नहीं है और ट्रक भी गायब है। इसके साथ ही जिंदा बचे गोवंश का भी गायब हैं। इसकी शिकायत पुलिस आयुक्त से की गई। अधिकारियों के आदेश पर मुकदमा दर्ज करा दिया गया। बृहस्पतिवार को हादसे में मारे गए दोनों गोवंशों का पोस्टमार्टम भी कराया गया।
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विहिप नेता ने इस मामले में पुलिस पर पैसों के लेनदेन का भी आरोप लगाया था। इसी मामले में कमिश्नर ने जांच के आदेश दिए थे। जांच रिपोर्ट आने के बाद बृहस्पतिवार देर रात थानाध्यक्ष दिनेश कुमार मौर्या, दरोगा ताराचंद्र, हर नारायण सिंह, सिपाही अमित यादव, राकेश यादव, समीर सिंह, विमल रावत, वशिष्ठ यादव और राकेश पाल को लाइन हाजिर कर दिया गया। मामले में प्रथम दृष्टया इन पुलिस वालों पर आरोप सही पाए गए हैं। लाइन हाजिर करने के बाद सभी पुलिस वालों के खिलाफ गहन जांच के निर्देश दिए गए हैं। उनके खिलाफ आगे और भी कड़ी कार्रवाई हो सकती है।