शाइन सिटी के निदेशकों के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में दो और मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। सतीश कुमार सिंह और अर्शी सिद्दीकी की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई है। इससे पहले छह जून को निदेशकों के खिलाफ तीन मुकदमे दर्ज कराए गए थे।
पुराना सोहबतियाबाग के रहने वाले सतीश कुमार सिंह की 2018 में राशिद और उसके भाई आसिफ से मुलाकात हुई थी। उन लोगों ने कंपनी की विभिन्न योजनाओं और उससे मिलने वाले फायदे के बारे में बताया। लालच में आकर सतीश फंस गए। सतीश ने खुद तो रुपये लगाए ही अपनी अपने भाई और ममरे भाई के भी काफी रुपये कंपनी में लगवा दिए। कुल 41 लाख 40 हजार कंपनी में लगा दिए।
अभी उन्हें रिटर्न का एक भी रुपया नहीं मिला था कि कुछ महीनों बाद पता चला कि कंपनी भाग गई। सतीश और उनके भाई हक्के बक्के रह गए। उन्होंने काफी प्रयास किया लेकिन रिपोर्ट नहीं दर्ज हुई तो न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश पर आठ जून को सीएमडी राशिद नसीम और एमडी आसिफ नसीम के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई।
सुल्तानपुर के करौदिया इलाके की रहने वाली अर्शी सिद्दीकी ने भई 2016 में शाइन सिटी के सेमीनार में हिस्सा लिया था। अर्शी ने अपने चाचा और मौसी को भी तमाम योजनाओं के बारे में बताया। तीनों ने तकरीबन 10 लाख कंपनी में लगा दिए। जब कंपनी भागी तब से अर्शी रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए परेशान थीं। न्यायालय के आदेश पर सिविल लाइंस में मुकदमा दर्ज कर लिया गया।