अनामिका शुक्ला के नाम पर सोरांव स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में नौकरी करने वाली फर्जी शिक्षिका की लोकेशन कानपुर में मिली है। जिसके बाद कर्नलगंज थाने की एक टीम उसकी तलाश में जुट गई है। जल्द ही वह कानपुर के लिए रवाना होगी।
अन्य जिलों में खुलासे के बाद जांच के दौरान जिले में भी यह फर्जीवाड़ा सामने आया था।
जिसके बाद बीएसए संजय कुशवाहा की तहरीर पर कर्नलगंज थाने में अनामिका शुक्ला के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। तहरीर के आधार पर माना गया कि अनामिका के नाम पर नौकरी करने वाली रीना सिंह है। दरअसल, आवेदन पत्र के साथ लगाया गया निवास प्रमाणपत्र रीना के ही नाम का था।
हालांकि, जांच में पता चला कि यह नाम भी फर्जी है और नौकरी करने वाली सरिता है। जांच में जुटी टीम को उसकी लोकेशन कानपुर में मिली है। जिसके बाद उसकी तलाश शुरू कर दी गई है। कर्नलगंज पुलिस की एक टीम जल्द ही कानपुर के लिए रवाना होगी।
गिरफ्तार सरगना भी बनाया जा सकता है आरोपी
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कर्नलगंज में दर्ज मामले में अनामिका शुक्ला फर्जीवाड़े का मास्टर माइंड पुष्पेंद्र भी आरोपी बनाया जा सकता है। दरअसल जांच में जुटी कर्नलगंज पुलिस को पता चला था कि सोरांव में नौकरी करने वाली सरिता भी पुष्पेंद्र के संपर्क में थी जिसे पिछले दिनों एसटीएफ ने उसके दो अन्य साथियों संग जेल भेजा था।
यह भी कहा जा रहा है कि सरिता को अनामिक के दस्तावेज पुष्पेंद्र ने ही उपलब्ध कराए थे। ऐसे में मुकदमे में उसका नाम भी शामिल किया जा सकता है। फिलहाल पुलिस का कहना है कि शिक्षिका से पूछताछ के बाद ही इस संबंध में कुछ बताया जा सकेगा।