इलाहाबाद। रोडवेज कर्मियों ने दस सूत्रीय मांगों को लेकर दो सितंबर को चक्काजाम करने का ऐलान किया है। शुक्रवार को रोडवेज कर्मचारी संघर्ष मोर्चा के बैनर तले रोडवेज की सभी मान्यता प्राप्त यूनियनों के पदाधिकारी एवं कर्मचारियों की मौजूदगी में आयोजित सभा में कहा गया कि रोडवेज कर्मियों का चक्काजाम एवं हड़ताल देश व्यापी है। सिविल लाइंस बस स्टेशन में आयोजित सभा उत्तर प्रदेश रोडवेज कर्मचारी संघ, श्रमिक समाज कल्याण संघ, सेंट्रल रीजनल वर्कशाप कर्मचारी संघ, यूपी रोडवेज इंप्लाइज यूनियन, यूपी रोडवेज वर्कस यूनियन, उत्तर प्रदेश परिवहन चालक संगठन के नेताओं एवं कर्मचारियों ने नारेबाजी भी की।
सभा में कहा गया कि प्रस्तावित रोड ट्रांसपोर्ट एंड सेफ्टी बिल में दुर्घटना होने की दशा में चालकों के खिलाफ सात साल की सजा एवं तीन लाख रुपये के आर्थिक दंड के प्रावधान को खत्म किया जाए। प्रस्तावित बिल में चालकों के लाइसेंस के लिए शैक्षिक योग्यता के प्रतिबंध को हटाया जाए और कार्यशाला में तकनीकी कर्मचारियों के काम के घंटे आठ से बढ़ाकर 12 घंटे किये जाने के प्रावधान को समाप्त किया जाए। सभा में नेताओं ने सार्वजनिक परिवहन निगमों के लिए राष्ट्रीय नीति बनाने की भी मांग की।
इस दौरान रमाकांत त्रिपाठी, मो. अली, आनंद प्रकाश त्रिपाठी, टीआर सिंह, आरपी तिवारी, नरेश मिश्रा, सत्यनारायण यादव, रशीद अहमद, श्रीलाल तिवारी, एहतेशाम जमीर, कालिका सिंह, जितेंद्र मिश्र आदि मौजूद रहे। सभा में मौजूद नेताओं ने कहा कि एक दिन के इस चक्काजाम और हड़ताल का नोटिस परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक को दिया गया है।