शरीर पर आठ स्थानों पर आई थीं चोटें
मामला दोषी मोनू परिहार पर आरोप था कि उसने अपने साथी अजय पांडेय के साथ मिलकर अपनी शादी का कार्ड बांटने गए सुजीत कुमार कुशवाहा की 27 नवंबर 2007 को चाकुओं से गोंदकर घायल कर दिया। उसके शरीर पर आठ स्थानों पर चोट आई थी।
स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मामले में मृतक के पिता सुदामा प्रसाद कुशवाहा की ओर से नैनी औद्योगिक थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। अदालत में सुनवाई के दौरान कुल पांच लोगों की गवाही हुई। अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने मामले में अजय पांडेय को दोष मुक्त मानते हुए बरी कर दिया जबकि मोनू परिहार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।