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सुनाई सजा : अपनी शादी का कार्ड बांटने गए युवक की हत्या के आरोपी को आजीवन करावास, सजा सुनते ही फफक कर रो पड़ा आरोपी

Thu, 17 Feb 2022 06:29 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

अदालत ने कहा कि यह घटना यह घटना विरल से विरलतम प्रकृति का नहीं है। दोषी अगर बीस हजार रुपये का अर्थदंड नहीं अदा कर सकेगा तो उसे दो महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
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court - फोटो : Social Media
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विस्तार
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अपनी शादी का कार्ड देने गए युवक की चाकुओं से हत्या करने वाले नैनी सड़वा कॉलोनी के मोनू परिहार उर्फ शैलेंद्र को जिला अदालत ने आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। जबकि, सह आरोपी तेलियरगंज निवासी अजय पांडेय उर्फ कुंवर बहादुर को तथ्यों और साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया है।

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अदालत ने कहा कि यह घटना यह घटना विरल से विरलतम प्रकृति का नहीं है। दोषी अगर बीस हजार रुपये का अर्थदंड नहीं अदा कर सकेगा तो उसे दो महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।



यह आदेश अपर सत्र न्यायाधीश रश्मि सिंह ने शासकीय अधिवक्ता गुलाब चंद्र अग्रहरि, सहायक शासकीय अधिवक्ता जयकांत तिवारी, सहायक शासकीय अधिवक्ता उमाशंकर शर्मा को सुनकर दिया है। 
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न्यायाधीश ने कहा कि यह स्पष्ट है कि घटना पैसे के लेनदेन को लेकर हुई है। जिस तरह से हत्या हुई है। वह एक गंभीर अपराध है। मृतक का चाकुओं से गोंदकर हत्या हुई है। सजा सुनाए जाने के दौरान आरोपी मोनू परिहार अदालत में मौजूद रहा और सजा सुनने के बाद रो पड़ा। अदालत ने आदेश की कापी दोषी को देने के साथ उसकी एक प्रति नैनी जेल अधीक्षक को भी भेजने का आदेश दिया। 

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शरीर पर आठ स्थानों पर आई थीं चोटें

मामला दोषी मोनू परिहार पर आरोप था कि उसने अपने साथी अजय पांडेय के साथ मिलकर अपनी शादी का कार्ड बांटने गए सुजीत कुमार कुशवाहा की 27 नवंबर 2007 को चाकुओं से गोंदकर घायल कर दिया। उसके शरीर पर आठ स्थानों पर चोट आई थी। 



स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मामले में मृतक के पिता सुदामा प्रसाद कुशवाहा की ओर से नैनी औद्योगिक थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। अदालत में सुनवाई के दौरान कुल पांच लोगों की गवाही हुई। अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने मामले में अजय पांडेय को दोष मुक्त मानते हुए बरी कर दिया जबकि मोनू परिहार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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