उत्तर प्रदेश के धूमनगंज में देवघाट के पास बुधवार को पति के साथ बाइक से जा रही युवती का कार सवार युवकों ने अपहरण कर लिया। पति ने विरोध किया तो उसे लाठियों से पीटा गया। इस मामले में आरोपी युवक और उसके साथियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। युवती की 15 दिन पहले ही शादी हुई थी।
पुलिस इस मामले को प्रेम प्रसंग से भी जोड़कर देख रही है। जांच के बाद पुलिस ने बताया कि आरोपी युवक, युवती से शादी करना चाहता था लेकिन घर वालों ने 15 दिन पहले उसकी शादी कर दी। फिलहाल रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी की खोजबीन की जा रही है।
धूमनगंज और कौशांबी की सीमा पर स्थित गांव के रहने वाले रवींद्र पाल (परिवर्तित नाम) की इसी एक दिसंबर को रागिनी (परिवर्तित नाम) के साथ हुई थी। बुधवार दिन में रवींद्र अपनी पत्नी रागिनी को बाइक पर बिठाकर किसी से मिलने जा रहा था। देवघाट के पास लाल रंग की कार से कुछ युवक निकले और बाइक रोक ली। रवींद्र ने विरोध किया तो उसे लाठियों से जमकर पीटा और रागिनी को कार में बिठाकर वहां से भाग निकले।
रवींद्र ने घर वालों के साथ पुलिस को घटना की सूचना दी। तहरीर के अनुसार गौसपुर कटहुला गांव के शानू पाल और उसके साथियों ने रागिनी का अपहरण कर लिया। आरोपी शानू और रागिनी के मोबाइल नंबर बंद हैं।
इंस्पेक्टर एके चतुर्वेदी ने बताया कि शानू रागिनी से प्रेम करता था लेकिन न तो शानू के घर वाले तैयार थे न ही रागिनी के। दोनों को लेकर समाज में तीन बार पंचायत भी हो चुकी थी। अंतिम बार पंचायत में बात नहीं बनी तो रागिनी के पिता ने आनन फानन में 15 दिन पहले उसकी शादी कर दी। शानू पाल और उसके साथियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। उनकी खोजबीन की जा रही है।
परिजन बोले, अतीक गिरोह से कनेक्शन है आरोपी के घर वालों का
पीड़ित रवींद्र पाल ने बताया कि शानू के परिवार वाले अतीक गिरोह से जुड़े हैं। वे शादी के बाद से लगातार धमकी दे रहे थे। बुधवार को उन्होंने जिस तरह घटना को अंजाम दिया, उससे साफ है कि उन्हें किसी तरह का डर नहीं।
बहन के देवर से हुई थी शादी
रागिनी की बड़ी बहन की शादी रवींद्र के बड़े भाई से हुई है। जब पंचायत के बाद भी कोई निर्णय नहीं निकला तो रागिनी के पिता ने उसकी शादी बहन के देवर रवींद्र से तय कर दी। रवींद्र भी शादी को राजी हो गया था। दोनों की एक दिसंबर को धूमधाम से शादी हुई थी।