प्रतापगढ़ में ग्राम प्रधान के भाई की हत्या से सनसनी फैल गई। उसका शव नाले में मिला और उसके हाथ पैर रस्सी से बंधे हुए थे। घटना से गांव में आक्रोश फैल गया है। गांव के लोग पुलिस को शव नहीं जाने दे रहे हैं। मृतक का नाम राहुल यादव बताया जा रहा है। गला घोंटकर हत्या की आशंका जाहिर की जा रही है।
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फतनपुर थाना क्षेत्र के पूरे बिच्छूर गांव निवासी वीरेंद्र यादव उर्फ राहुल यादव पुत्र रामकुमार यह घर से लगभग आठ बजे के करीब गांव में ही पाल बस्ती में सरस्वती की प्रतिमा स्थापित की गई है जहां पर लगभग 5 दिनों से कार्यक्रम चल रहा है। कार्यक्रम में वीरेंद्र उर्फ राहुल ही संचालन का काम करता था।
कार्यक्रम देर से होने के नाते वह घर पर आ गया। इसी दौरान मोबाइल पर किसी का फोन आया। उस समय यह बाइक और हेलमेट लेकर घर से निकल पड़ा। कुछ देर बाद मृतक के भाई जीतेंद्र यादव ग्राम प्रधान के पास फोन आया कि राहुल कार्यक्रम पर नहीं पहुंचा है तो परिजन खोजबीन करने लगे।
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- फोटो : अमर उजाला प्रतापगढ़
काफी खोजबीन करने के बाद भी पता नहीं चल सका, जिसकी जानकारी परिजनों के द्वारा फतनपुर पुलिस को दी गई। रात भर परिजन खोजते खोजते हलकान रहे। सुबह इनके घर से 500 मीटर दूरी पर नाले के किनारे मोटरसाइकिल देख ग्रामीणों ने परिजनों को सूचना दी। कुछ देर में बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट गए। राहुल का शव बाइक से बंधा था। मुंह में रूमाल ठूंसा गया था। सूचना पर एडिशनल एसपी सुरेंद्र द्विवेदी और सीओ रानीगंज डॉक्टर अतुल रंजन त्रिपाठी, एसओ फतनपुर, एसओ रानीगंज, थानाध्यक्ष पट्टी, थानाध्यक्ष मानधाता सहित बड़ी संख्या में पुलिस और पीएसी मौके पर पहुंच गई।
मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों के कब्जे से शव को उठाकर ले जाने लगे, जिस पर ग्रामीणों ने दौड़ाकर पुलिस वालों को घेर लिया और शव छीननकर फिर घटनास्थल पर लेकर चले गए। ग्रामीण जिलाधिकारी और एसपी को मौके पर बुलाने के लिए अड़े थे। करीब 11:00 पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे और समझाने बुझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण मानने को तैयार नहीं हुए। बाद में एसडीएम रानीगंज राहुल यादव, तहसीलदार रानीगंज श्रद्धा पांडे और पुलिस अधीक्षक ने परिजनों को समझाया। साथ ही मोबाइल पर डीएम से बात कराई। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजवाया।
प्रतियोगी परीक्षा की करता था तैयारी
राहुल चार भाइयों में सबसे छोटा था। बड़ा भाई जितेंद्र कुमार ग्राम प्रधान हैं। दूसरा महेंद्र, तीसरा दीपेंद्र .यादव और चौथे नंबर पर वीरेंद्र उर्फ राहुल था। राहुल प्रयागराज में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता था। साथ ही बादशाहपुर में एक कोचिंग सेंटर में पढ़ाई भी करता था।