केंद्रीय कारागार नैनी में दो बंदीरक्षकों और वरिष्ठ जेल अधीक्षक के बीच भिड़ंत के बाद जमकर हंगामा हुआ। बंदीरक्षकों ने अधीक्षक पर प्रताड़ना व जान से मरवाने की धमकी देने का आरोप लगाया। उधर अधीक्षक का आरोप है कि नशे की हालत में दोनों ने उनके सरकारी आवास में जबरन घुसकर अभद्रता की। फिलहाल अधीक्षक की ओर से स्थानांतरणाधीन एक सिपाही को कार्यमुक्त किया गया है। साथ ही सेवा आचरण नियमावली के विरुद्ध कार्य करने पर नोटिस जारी कर दोनों से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।
इस पूरे विवाद की शुरुआत शुक्रवार को हुई। जब दोनों बंदीरक्षक अभय सिंह निवासी धनहुआ आजमगढ़ और दिनेश चंद मीणा निवासी भरतपुर राजस्थान शुक्रवार को जेल परिसर में स्थित वरिष्ठ जेल अधीक्षक के आवास पर पहुंचे। बंदीरक्षकों का आरोप है कि लंबे समय से उनकी ड्यूटी जेल अस्पताल के कोरोना वार्ड में लगाई जा रही थी। इसी को लेकर वह अधीक्षक से निवेदन करने पहुंचे थे। इस दौरान बात करने की बजाय उन्हें फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर भगा दिया गया।