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नैनी जेल में दो बंदीरक्षकों-अधीक्षक में भिड़ंत, जमकर हंगामा 

Mon, 14 Jun 2021 12:13 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

केंद्रीय कारागार नैनी में वरिष्ठ जेल अधीक्षक व आरक्षियों ने एक दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने बंदी रक्षकों पर सरकारी आवास में जबरन नशे की हालत में घुसने व अनुशासनहीनता करने का आरोप लगाया है तो वहीं बंदी रक्षकों ने उनपर फर्जी मुकदमें में फंसाने व हत्या कराने का आरोप लगाया है। इस घटनाक्रम से जेल परिसर में खलबली मची हुई है।
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फाइल फोटो - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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केंद्रीय कारागार नैनी में दो बंदीरक्षकों और वरिष्ठ जेल अधीक्षक के बीच भिड़ंत के बाद जमकर हंगामा हुआ। बंदीरक्षकों ने अधीक्षक पर प्रताड़ना व जान से मरवाने की धमकी देने का आरोप लगाया। उधर अधीक्षक का आरोप है कि नशे की हालत में दोनों ने उनके सरकारी आवास में जबरन घुसकर अभद्रता की। फिलहाल अधीक्षक की ओर से स्थानांतरणाधीन एक सिपाही को कार्यमुक्त किया गया है। साथ ही सेवा आचरण नियमावली के विरुद्ध कार्य करने पर नोटिस जारी कर दोनों से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। 

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इस पूरे विवाद की शुरुआत शुक्रवार को हुई। जब दोनों बंदीरक्षक अभय सिंह निवासी धनहुआ आजमगढ़ और दिनेश चंद मीणा निवासी भरतपुर राजस्थान शुक्रवार को जेल परिसर में स्थित वरिष्ठ जेल अधीक्षक के आवास पर पहुंचे। बंदीरक्षकों का आरोप है कि लंबे समय से उनकी ड्यूटी जेल अस्पताल के कोरोना वार्ड में लगाई जा रही थी। इसी को लेकर वह अधीक्षक से निवेदन करने पहुंचे थे। इस दौरान बात करने की बजाय उन्हें फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर भगा दिया गया।

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नैनी जेल - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद अगले दिन कार्यालय में बुलाकर जेल के भीतर ही हत्या कराने की धमकी दी गई। उधर वरिष्ठ जेल अधीक्षक पीएन पांडेय का आरोप है कि दोनों बंदीरक्षकों ने नशे की हालत में जबरन सरकारी आवास में घुस आए और उनसे अभद्रता की। इनमें से एक अभय स्थानांतरणाधीन था जिसे तत्काल महाराजगंज के लिए कार्यमुक्त कर दिया गया। दूसरा दिनेश सिंह मीणा पहले भी कई बार दंडित हो चुका है। उसके खिलाफ फर्जी जाति प्रमाणपत्र के जरिए नियुक्त पाने के आरोप में भी जांच कराई जा रही है। उनका यह भी कहना है कि दोनों का कृत्य सरकारी सेवा आचरण नियमावली के विरुद्ध है। जिसके लिए उनके खिलाफ शोकॉज नोटिस भी जारी किया गया है। 

पत्र वायरल कर लगाए गंभीर आरोप
बंदीरक्षक अभय सिंह ने सोशल मीडिया पर एक पत्र जारी कर गंभीर आरोप लगाए। आरोप लगाया कि बंदियों से मोटी रकम लेकर जेल में गांजा, शराब, स्मैक के साथ मोबाइल फोन की सुविधा दी जा रही है। इसका विरोध करने पर ही उसकी व दिनेश की तैनाती जेल अस्पताल में कर दी गई। उधर वरिष्ठ जेल अधीक्षक पीएन पांडेय ने कहा कि दोनों बेबुनियाद और मनगढ़ंत आरोप लगा रहे हैं। बताया कि अभय सिंह का पूर्व में रुपये वसूली करते हुए वीडियो भी वायरल हुआ था। जिस पर उसके खिलाफ वेतनवृद्धि रोकने की कार्रवाई की गई थी। 
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