छात्रों के लिए यह हितकारी व्यवस्था इसलिए है कि वह किसी भी सेमेस्टर की परीक्षा में शामिल हो सकता है। जो छात्र किसी कारण सेमेस्टर की परीक्षा में शामिल नहीं हो सकते, उन्हें वार्षिक परीक्षा में शामिल होने का मौका विश्वविद्यालय दे रहा है। दूरस्थ शिक्षा के लचीलेपन की यही खूबी है कि यहां छात्रों के द्वार तक शिक्षा पहुंचाई जा रही है।
विश्वविद्यालय के जन संपर्क अधिकारी डॉ.प्रभात चंद्र मिश्र ने बताया कि पूरे उत्तर प्रदेश में क्षेत्रीय केंद्रों की कार्यशाला के बाद छात्रों की समस्याओं का त्वरित समाधान न होने के कारण अभी तक छात्र संख्या के एक लाख तक नहीं पहुंचने का फीडबैक मिलने पर कुलपति ने वीसी ग्रीवांस सेल का गठन किया है। अब प्रवेश की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2024 तक विस्तारित होने के बाद कुलपति ने उम्मीद व्यक्त की है कि वर्तमान सत्र में प्रवेश लेने वाले छात्रों की संख्या एक लाख के लक्ष्य को पार कर जाएगी।
मुविवि के नाम पर फर्जी यूट्यूब चैनल, वीसी ने तलब की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के नाम पर फर्जी यूट्यूब चैनल चलाए जा रहे हैं। कुलपति प्रो.सत्यकाम ने शिक्षार्थियों को सलाह दी है कि वे विश्वविद्यालय के नाम पर चल रहे कई अनधिकृत यूट्यूब चैनलों की ओर से दी जा रही जानकारी से सावधान रहें। यह अनाधिकृत चैनल पूरे प्रदेश में छात्रों को गुमराह कर रहे हैं।
कुलपति ने विश्वविद्यालय में स्थापित सेंटर फॉर ऑनलाइन एजुकेशन को निर्देश दिए हैं कि वह विवि की वेबसाइट के कवर पेज एवं लोगो का इस्तेमाल करने वाले ऐसे अनधिकृत यूट्यूब चैनल की रिपोर्ट उन्हें एक सप्ताह में सौंपे। ऐसा करना साइबर क्राइम की श्रेणी में आता है। विश्वविद्यालय इस मामले में गंभीरता से कार्रवाई करेगा। कुलपति ने छात्रों काे सलाह दी है कि वह केवल विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट www.uprtou.ac.in पर लॉगिन करें, ताकि उन्हें विश्वविद्यालय द्वारा लिए जा रहे निर्णयों के बारे में अद्यतन जानकारी मिल सके।