जेल में बंद कैदियों की मुलाकात कराने की प्रकिया पांच मई से शुरू जरूर की गई लेकिन मुलाकातियों की भीड़ देख जेल प्रशासन के होश उड़ गए। नतीजा करीब दो दर्जन लोगों की मुलाकात कराने के बाद मुलाकात बंद कर दी गई और बता दिया गया कि जब तक लाकडाउन खत्म नहीं होगा, मुलाकात बंद ही रहेगी। जिसकी वजह से मुलाकात करने पहुंचे दर्जनों लोग मायूस होकर वापस लौट गए।
बताते चलें कि 25 मार्च से लाक डाउन होने की घोषणा के बाद से ही नैनी सेंट्रल जेल में बंद कैदियों की घरवालों से मुलाकात की प्रक्रिया पर धीरे-धीरे पाबंदी लगा दी गई थी। 30 अप्रैल से पूरी तरह से पाबंदी लगाते हुए सिर्फ फोनिंग सुविधा दी गई थी। लाक डाउन के तीसरे चरण में मिली छूट के आधार पर जेल प्रशासन ने चार मई को घोषणा की थी कि पांच मई से सजायाफ्ता बंदियों को 15 दिन में एक व्यक्ति से एक बार और विचाराधीन बंदियों की हफ्ते में एक बार एक व्यक्ति से मुलाकात कराई जाएगी।
इसकी घोषणा होते ही पांच मई को सुबह से ही जेल में मुलाकात करने वाले लोगों की भीड़ लगने लगी। शुरूआत में तो 20 से 25 लोगों को उनके रिश्तेदारों से मिलने के लिए जेल के अंदर एप्लीकेशन के आधार पर भेज दिया गया। हालांकि किसी की पर्ची नहीं बनने दी गई। सिर्फ प्रार्थना पत्र के आधार पर मुलाकात कराई गई, लेकिन जब भीड़ बढ़ गई। ऐसे-ऐसे लोग आ गए जिनके पास मास्क तक की व्यवस्था नहीं थी। इसलिए जेल प्रशासन ने मुलाकात प्रक्रिया तत्काल बंद कर दी।
वरिष्ठ जेल अधीक्षक हरिबक्श सिंह ने बताया कि भीड़ अधिक होने की वजह से आज फिर से मुलाकात बंद कर दी गई है, जो 17 मई तक बंद रहेगी। उसके बाद जो हालात बनेंगे, उस अनुसार निर्णय लिया जाएगा। पीसीओ से बात करने की सुविधा कैदियों को मिलती रहेगी।