रेलवे स्टेशन पर अधीक्षक से सुरक्षा व्यव्स्था की जानकारी लेते डीएम डा. रुपेश कुमार।
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लॉकडाउन में गुजरात प्रांत के सूरत में फंसे 1200 मजदूरों को लेकर श्रमिक स्पेशल ट्रेन बुधवार को प्रतापगढ़ आ रही है। 35 जिलों के प्रवासी मजदूरों को लेकर आने वाली ट्रेन दोपहर लगभग 2.15 बजे प्रतापगढ़ जंक्शन पहुंचेगी। इस ट्रेन में जिले के महज 65 लोग ही हैं। 35 जिलों के मजदूरों को लेकर आने वाली ट्रेन मंगलवार को साबरमती से रवाना हो चुकी है।
अन्य जनपदों के मजदूरों को उनके घर पहुंचाने के लिए रोडवेज की 40 बसों को लगाया गया है। जिले में मजदूरों को लेकर आने वाली यह पहली ट्रेन है। डीएम डा. रुपेश कुमार ने मंगलवार को स्टेशन का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया।
रेलवे स्टेशन का 42 दिन का सन्नाटा बुधवार को टूट जाएगा। गुजरात से आने वाली ट्रेन में सवार सूरत में फंसे बेल्हा के 65 मजदूरों सहित 1200 श्रमिकों को उनके घर तक पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। साबरमती से आने वाली ट्रेन के 22 डिब्बों में 35 जिलों के मजदूर शामिल हैं। इसमें इटावा, फर्रुखाबाद, फैजाबाद, गोंडा, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर के मजदूर हैं, जिनकी स्टेशन पर थर्मल स्क्रीनिंग होने के बाद गृह जनपद के लिए भेजा जाएगा।
बुधवार दोपहर 2.15 बजे रेलवे स्टेशन पहुंचने वाली ट्रेन में सवार मजदूरों की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की 20 टीमें तैनात की गई हैं। प्रतापगढ़ के 65 मजदूरों को जयमंगल सिंह शिक्षण प्र्रशिक्षण संस्थान ले जाकर स्वास्थ्य की जांच होगी, जबकि गैर जनपद के प्रवासी मजदूरों को स्टेशन पर ही जांच करके बाहर खड़ी उनके जिलों की बसों में बैठाकर भेज दिया जाएगा।
डीएम ने रोडवेज की 40 बसों को स्टेशन पर लगाया है। डीएम डा. रुपेश कुमार ने मंगलवार को पहले कैंप कार्यालय पर अफसरों के साथ बैठक कर मजदूरों को सही सलामत घर पहुंचाने की रणनीति बनाई और बाद में रेलवे स्टेशन का निरीक्षण कर सभी को जिम्मेदारी सौंपी। डीएम ने बताया कि श्रमिक स्पेशल ट्रेन से आने वाले मजदूरों को घर तक पहुंचाने के लिए सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। थर्मल स्क्रीनिंग करने के बाद ही सभी को रवाना किया जाएगा।