गंगा प्रदूषण इकाई के लिए बृहस्पतिवार सुबह घर से निकले काैंधियारा निवासी सिक्योरिटी एजेंसी के सुपरवाइजर राकेश मिश्रा उर्फ गुड्डू लापता हो गए। वह गंगा प्रदूषण इकाई में अपनी बाइक खड़ी कर उसकी डिकी में आईडी कार्ड, मोबाइल व अन्य सामान रखकर गार्ड को चॉबी लेकर बिना कुछ बताए चले गए। देर शाम तक जब वह नहीं लौटे तो परिजनों ने तलाश शुरू की। बाइक की डिग्गी से एक सुसाइड नोट मिला। इसमें उन्होंने एक व्यक्ति का जिक्र करते हुए लिखा है कि वह मेरा 57 लाख रुपये नहीं दे रहे है, जिससे वह कर्जदार हो गए है। शुक्रवार को यमुना नदी में गोताखोर युवती खोजबीन करते रहे, लेकिन उनका पता नहीं चल सका।
कौंधियारा निवासी राकेश मिश्रा उर्फ गुड्डू पुत्र स्व. बद्रीनाथ के भांजे ऋषभ त्रिपाठी निवासी बारा ने पुलिस को दिए शिकायती पत्र में बताया कि वह बृहस्पतिवार सुबह घर से गंगा प्रदूषण इकाई नैनी-1 में स्थित माडर्न वीर रेस सिक्योरिटी फोर्स कार्यालय में गार्ड की ड्यूटी चेक करने पहुंचे थे। यहां पर वह अपनी बाइक खड़ी कर डिकी में मोबाइल, आईडी कार्ड व सुसाइड नोट रखकर बाइक की चाबी वहां एक गार्ड को देकर चले गए।
शाम तक जब वह घर नहीं पहुंचे तो परिजन परेशान होकर उनकी तलाश शुरू की। इस दौरान परिजन नैनी में बाइक की डिकी में सुसाइड नोट देख परेशान हो गए। सूचना के बाद पुलिस ने उनके दूसरे मोबाइल की लोकेशन ट्रेस किया, लेकिन वह बंद आ रहा था। वहीं सीसीटीवी फुटेज में वह पुराने यमुना पुल से अरैल बांध रोड जाते हुए दिखाई पड़े।
इसके बाद उनका कुछ पता नहीं चल सका। शु्क्रवार सुबह नैनी पुलिस ने उनकी तलाश में नदी में गोताखोरों को उतारा, लेकिन देर शाम तक उनका कुछ पता नहीं चल सका। सुसाइट नोट में उन्होंने कौंधियारा थाना क्षेत्र के एक गांव के रहने वाले व्यक्ति का जिक्र करते हुए लिखा है कि उसने उनसे 57 लाख रुपये लिए थे और पांच लाख रुपये हर महीने वापस करने का वादा किया था।
पैसा वापस नहीं करने से वह काफी कर्जदार हो गए हैं। सुसाइट नोट में उन्होंने पुलिस प्रशासन से घरवालों को पैसा दिलवाने का निवेदन करते हुए बताया कि उनके दूसरे फोन में रपये के लेनदेन की रिकाॅर्डिंग है। एसीपी करछना सुनील सिंह ने बताया कि राकेश मिश्रा की गुमशुदगी दर्ज कर ली गई है। सुसाइड नोट मिला है। मामले की जांच की जा रही है।