इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी टीईटी-2013 के आवेदन में संदिग्ध सामग्री मिलने पर गंभीर रुख अपनाया है। कोर्ट ने मामले की उचित जांच की आवश्यकता जताते हुए परीक्षा नियामक प्राधिकारी के सचिव को अंतिम आवेदन से संबंधित हार्ड डिस्क के साथ अगली सुनवाई पर उपस्थित होने का आदेश दिया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी टीईटी-2013 के आवेदन में संदिग्ध सामग्री मिलने पर गंभीर रुख अपनाया है। कोर्ट ने मामले की उचित जांच की आवश्यकता जताते हुए परीक्षा नियामक प्राधिकारी के सचिव को अंतिम आवेदन से संबंधित हार्ड डिस्क के साथ अगली सुनवाई पर उपस्थित होने का आदेश दिया है। चार नवंबर को सुनवाई होगी।
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न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान की एकल पीठ ने अरुण कुमार की याचिका पर यह आदेश दिया। सुनवाई के दौरान परीक्षा नियामक प्राधिकारी, प्रयागराज के रजिस्ट्रार दीपेंद्र कुमार ने टेबुलेशन रजिस्टर और डाउनलोड किए गए आवेदन फॉर्म कोर्ट में पेश किए। वहीं, संतकबीरनगर के खंड शिक्षा अधिकारी अरुण प्रताप सिंह ने चयन प्रक्रिया से संबंधित अभिलेख प्रस्तुत किए।
कोर्ट ने अभिलेखों के अवलोकन के बाद उनमें संदेह पैदा करने वाली सामग्री पाई। कहा कि मामले में उचित जांच की जरूरत है। जांच से पहले तथ्यों की पड़ताल के लिए सचिव को यूपी टीईटी 2013 के अंतिम आवेदन से संबंधित हार्ड डिस्क के साथ तलब किया गया है।