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अध्यक्ष की आज अभ्यर्थियों से दूसरी मुलाकात, उठ सकती है पीसीएस मेंस की कॉपियां ऑनलाइन करने की मांग

Wed, 17 Jul 2019 01:19 AM IST
Abhishek Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग - फोटो : Amar Ujala
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पीसीएस का अंतिम चयन परिणाम आने के बाद कॉपियों को ऑनलाइन किया जाना चाहिए। साथ ही समस्त प्रतियोगी छात्रों की मार्कशीट जारी कर देनी चाहिए। बुधवार को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) के अध्यक्ष डॉ. प्रमात कुमार को प्रतियोगियों की ऐसी तमाम मांगों का सामना करना पड़ सकता है। 17 जुलाई को उनकी अभ्यर्थियों से दूसरी मुलाकात होगी और इसके लिए मांगों की लंबी फेहरिस्त तैयार की गई है।

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भ्रष्टाचार मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष कौशल सिंह के साथ सौरभ श्रीवास्तव, मनोज सिंह, सतीश कुमार, शालिनी और अन्य प्रतियोगी छात्रों को आयोग अध्यक्ष ने बुधवार को मिलने का समय दिया है। प्रतियोगी छात्रों ने मांगों की जो लिस्ट तैयार कर रखी है, उसमें पीसीएस, एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती, आरओ/एआरओ भर्ती से जुड़े तमाम विवादित मुद्दे शामिल हैं। छात्रों का आरोप है कि पीसीएस-2016 के मूल्यांकन में हिंदी और अंग्रेजी भाषी छात्रों के साथ भेदभाव किया गया है। अध्यक्ष से मांग की जाएगी कि इसकी जांच कराएं। इसके अलावा पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा में बड़े पैमाने पर गलत सवाल पूछे जा रहे हैं। 

अध्यक्ष से छात्रों की अपील होगी कि इस पर सख्ती से लगाम लगाएं क्योंकि हजारों प्रतियोगी छात्रों के भविष्य से हो रहा खिलवाड़ रोका जा सका। इसके अलावा आयोग साल भर की भर्ती परीक्षाओं का कैलेंडर एक साथ जारी करें। अभ्यर्थियों की यह मांग भी है कि पीसीएस-2017 और आरओ/एआरओ-2017 की मुख्य परीक्षा का परिणाम जल्द जारी किया जाए। साथ ही भ्रष्टाचार में घिरी एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा निरस्त की जाए और पीसीएस-2018 की प्रारंभिक परीक्षा की जांच कराई जाए, क्योंकि इस परीक्षा की 28 ओएमआर कॉपियां बाद में आयोग में जमा की गईं।
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प्रतियोगियों की अन्य प्रमुख मांगें

- पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा के बाद मुख्य परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों को कम से कम 90 दिन का समय दिया जाए।
- पीसीएस मेंस में एक दिन में एक पेपर की परीक्षा कराई जाए।
- आयोग की परीक्षाओं में प्रतीक्षा सूची जारी करने का प्रावधान लागू किया जाए।
- आयोग स्केलिंग पद्धति की पुन: समीक्षा करें ताकि किसी छात्र के साथ अन्याय न हो।
- वस्तुनिष्ठ प्रकार की परीक्षाओं की अंतरिम उत्तरकुंजी परीक्षा तिथि से अधिक एक सप्ताह और अंतिम उत्तरकुंजी इसके बाद के एक सप्ताह में जारी की जाए।
- पेपर लीक मामले में विवादों घिरी आरओ/एआरओ-2016 की प्रारंभि परीक्षा निरस्त कर पुन: परीक्षा कराई जाए।
- जीआईसी प्रवक्ता/राज्य डिग्री कॉलेज प्रवक्ता का चयन लिखित परीक्षा और साक्षात्कार से हो।
- जेई और अन्य परीक्षाओं के लंबित परिणाम जल्द जारी किए जाएं।
- लोअर परीक्षा का विज्ञान और परीक्षा का आयोजन यूपीपीएससी कराए और पीसीएस में लोअर के पदों को शामिल न किया जाए।
- आयोग अधिचायन प्राप्त होते ही उसकी सूचना वेबसाइट पर उपलब्ध कर दे ताकि संबंधित अभ्यर्थियों को परीक्षा की तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल जाए।

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