रेल कर्मियों के पाल्यों को असिस्टेंट लोको पायलटों की परीक्षा में फेल होने पर दुबारा मौका मिलेगा। यह छूट लार्जेस स्कीम के तहत होने वाली सेफ्टी श्रेणी के पदों पर होने वाली विभागीय भर्ती में लागू की जाएगी। अभी एप्टीट्यूट टेस्ट में फेल होने के बाद रेलकर्मियों के पाल्य परीक्षा से बाहर कर दिए जा रहे हैं। इसके कारण योजना में आवेदन करने वाले रेलकर्मियों की सेवानिवृत्ति भी लंबित हो जा रही है।
सेफ्टी कैटेगरी से जुड़े ग्रुप डी और ग्रुप सी के रनिंग पदों वाले कर्मचारियों को सशर्त अनिवार्य सेवानिवृत्ति लेने और एक पाल्य को रेलवे में नौकरी दिलाने का विकल्प दिया गया है। कई ग्रुपों में कर्मचारियों के पाल्यों को लिखित परीक्षा में छूट दी गई है लेकिन असिस्टेंट लोको पायलट के पद वाले अभ्यर्थियों को एप्टीट्यूट टेस्ट में कोई छूट हासिल नहीं है। ऐसे में टेस्ट में फेल होने के बाद अभ्यर्थी नौकरी की दौड़ से बाहर हो जाते हैं।
यह समस्या सभी जोनल रेलवे को फेस करनी पड़ रही है। इससे निजात के लिए जोनल रेलवे ने रेलवे बोर्ड को चिट्ठी लिखी थी। बोर्ड ने इस समस्या का समाधान कर लार्जेस में असिस्टेंट लोको पायलट की परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को दूसरा मौका दे दिया है। यानी अब अभ्यर्थी पहली बार फेल होने पर भी दूसरी बार परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। उर्त्तीण हुए तो नौकरी भी लगेगी। साथ ही रेलकर्मियों की अनिवार्य सेवानिवृत्त में लगने वाला अड़ंगा भी दूर हो सकेगा।