हाईकोर्ट ने कस्टम विभाग की विजलेंस द्वारा कस्टम कानून के तहत व्यापारी का बैंक खाता सीज करने पर जवाब तलब किया है। मुरादाबाद के मेसर्स एमजेड हैंडीक्राफ्ट की याचिका पर सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति दिलीप गुप्ता और न्यायमूर्ति वीके मिश्र की खंडपीठ ने यह आदेश दिया है।
याची के अधिवक्ता क्षितिज शैलेंद्र का कहना था कि याची फर्म पीतल का सामान बनाकर विदेशों में निर्यात करती है। जून 2014 में कस्टम विभाग ने उसे नोटिस जारी कर मुंबई बुलाया। फर्म के मालिक ने मुंबई जाकर सभी आवश्यक कागजात कस्टम विभाग के विजलेंस अधिकारियों केसामने प्रस्तुत किए।
इस दौरान अधिकारियों ने आईसीआईसीआई बैंक में फर्म के खाते को सीज करने का आदेश जारी किया जिससे याची के खाते का संचालन रुक गया। अधिकारियों ने यह कार्रवाई कस्टम अधिनियम की धारा 108 और 110 के तहत की। जबकि इन धाराओं के तहत अभिलेख और वस्तुओं को ही सीज किया जा सकता है बैंक खाता नहीं। याचिका पर 20 अप्रैल तक जवाब तलब किया गया है।