पब्लिक स्कूलों के अभिभावक लगातार इनकी मनमानी केशिकार हो रहे हैं। सीबीएसई और सीआईएससीई से जुड़े स्कूलों में बच्चों एवं अभिभावकों से दसवीं का रिजल्ट आए बिना ही ग्यारहवीं कक्षा में प्रवेश के लिए दबाव बनाया जा रहा है। स्कूल वाले छमाही परीक्षाफल के आधार पर बच्चों को विषय भी आवंटित कर दे रहे हैं। स्कूलों ने अभिभावकों को नोटिस भेजकर आगाह किया है कि प्रवेश नहीं करवाने पर उनको रिजल्ट आने केबाद बाहर कर दिया जाएगा।
अभिभावकों ने स्कूलों की मनमानी की शिकायत मानव संसाधन विकास मंत्रालय एवं सीबीएसई के क्षेत्रीय कार्यालय में की है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने शिकायतकर्ता के पास मेल भेजकर इस मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अभिभावक परेशान हैं कि आखिर में रिजल्ट आने के पहले बच्चों का गलत आंकलन करके उन्हें विज्ञान के बदले मानविकी, कामर्स के बदले मानविकी तथा विज्ञान के बदले कामर्स आवंटित किया जा रहा है।
सीबीएसई के क्षेत्रीय कार्यालय एवं मानव संसाधन विकास (एचआरडी) मंत्रालय को भेजी गई शिकायत में वाराणसी के मुकुलारण्यम इंगलिश स्कूल सिगरा से जुड़े अभिभावकों का कहना है कि स्कूल में दसवीं का रिजल्ट आने से पहले बच्चों को ग्यारहवीं में मनमाने तरीके से प्रवेश लेने को दबाव बनाया जा रहा है। इन अभिभावकों का कहना है कि इस स्कूल में बच्चों को साइकिल से आने पर भी रोक है।
अभिभावकों को नोटिस भेजकर कहा गया है कि वह अपने बच्चों को साइकिल से स्कूल न भेजें। अभिभावकों से कहा गया है कि विद्यालय की ओर से वाहन की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल वाले निजी ट्रांसपोर्ट वालों को लाभ पहुंचाने केलिए मनमानी कर रहे हैं। इस संबंध में सीबीएसई के क्षेत्रीय अधिकारी का कहना है कि बिना रिजल्ट आए स्कूल वाले अभिभावकों पर अगली कक्षा में प्रवेश के लिए दबाव नहीं बना सकते हैं। स्कूल में बच्चों के लिए दो पहिया वाहन और चार पहिया वाहन लेकर आने पर रोक है परंतु साइकिल लेकर आने पर कोई रोक नहीं है। इसी प्रकार की शिकायत सेंट मेरीज कान्वेंट में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों ने भी की है।