रेलवे द्वारा सीएमपी ब्रिज के दोहरीकरण का काम शुरू किए जाने की वजह से शहर की तमाम सड़कों पर जाम लग गया। अलोपीबाग से जवाहर लाल नेहरू रोड, बैरहना-रामबाग-मेडिकल चौराहा, न्यू यमुना ब्रिज-अलोपीबाग फ्लाई ओवर-तुलारामबाग-सोहबतियाबाग, बाई का बाग- रामबाग- जानसेनगंज-निरंजन रेल ब्रिज-कमला नेहरू रोड आदि मार्गों पर दिन भर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। इस दौरान नौकरीशुदा एवं स्कूली बच्चों को खासी परेशानी हुई। निरंजन ब्रिज के पास लगे जाम से स्कूली ट्राली से लौट रहा एक बच्चा बेसुध हो गया।
बच्चे को बेसुध होता देख जाम में फंसे लोग उसकी मदद के लिए दौड़े। उसके चेहरे पर पानी का छिड़काव किया गया। तब कहीं जाकर बच्चे को होश आया। उधर, जाम की वजह से तमाम नौकरीशुदा लोग भी अपने कार्यालय समय से नहीं पहुंच सके। जाम की सबसे ज्यादा विकट स्थिति अलोपीबाग-जवाहर लाल नेहरू रोड पर रही। बैरहना, मधवापुर आदि इलाकों का ट्रैफिक संबंधित रोड पर डायवर्ट कर दिए जाने की वजह से देर शाम तक जाम की स्थिति बनी रही। रात आठ बजे के बाद ही स्थिति कुछ सुधर सकी।
स्कूलों में 11 बजे छुट्टी होने के बाद शहर में जाम की स्थिति भयावह हो गई। सेंट मेरी, सेंट जोसेफ, बीएचएस, जीएचएस, सेंट एंथोनी, ज्वाला देवी, आईपीएम, रानी रेवती समेत कई स्कूलों की छुट्टी होने के बाद शहर की सड़कों पर ट्रैफिक लोड बढ़ गया। दोपहर 12 बजे के आसपास मेडिकल चौराहे से रामबाग को जोड़ने वाली लाउदर रोड पर लंबा जाम देखकर स्कूल ट्राली में बैठे कई बच्चों का धैर्य जवाब दे गया। तमाम बच्चों ने अपनी ट्राली छोड़ दी और पैदल ही अपने घर की ओर निकल पड़े। हालांकि छोटे बच्चे जरूर ट्राली में बैठे रहे। तमाम बच्चों के पानी भी खत्म हो गए। इस बीच मेडिकल चौराहे के पास कुछ लोगों ने दुकानों से पानी की बोतलें खरीदकर बच्चों को दी।
बुधवार को लगे जाम की वजह से तमाम लोगों ने आसपास की गलियों का सहारा ले लिया। जो लोग शुरूआत में ही गलियों में घुस गए वे तो अपनी मंजिल की ओर पहुंच गए, लेकिन बाद में वाहनों की ज्यादा आवाजाही से गलियों में भी लंबा जाम लग गया। बैरहना से जिन लोगों को एमजी मार्ग या जार्जटाउन की ओर आना था वे मलाकराज वाली गली में घुस गए, लेकिन इस गली में भी लंबा जाम लग गया। अल्लापुर की ओर जाने वालों ने न्यू सोहबतियाबाग का रास्ता पकड़ा तो वहीं रामबाग रेल फाटक पर लंबा जाम होने के बाद लोगों ने आजाद नगर से निरंजन की राह पकड़ी, लेकिन हर एक रास्ते में ट्रैफिक का भारी दबाव होने से लंबा जाम लग गया। दोपहर 12 बजे के आसपास शहर की शायद ही ऐसी कोई सड़क बची होगी जहां जाम न लगा हो।
जानसेनगंज चौराहे पर विवेकानंद मार्ग की तरफ सीवर लाइन खुदाई के लिए खोदी जा रही सड़क की वजह से एक लेन पर दिन भर ट्रैफिक आवागमन बाधित रहा। इसका असर पुराने शहर के तमाम इलाकों में पड़ा। यहां एक लेन बंद होने से जाम की स्थिति ज्यादा विकट हो गई। खासतौर से निरंजन रेल ब्रिज की तरफ आने वाले लोगों को इस वजह से काफी परेशानी हुई। विवेकानंद के कारोबारी विजय मिश्र ने बताया कि दिन भर जाम की स्थिति से ग्राहक भी आज दुकान तक नहीं पहुंच सके। यही स्थिति जानसेनगंज के कारोबारियों की भी रही।
बैरहना में सिंगल लाइन को डबल करने के लिए आरसीसी बाक्स की लांचिंग के कारण रास्ता दस दिन के लिए बंद कर दिया गया। इसके कारण बुधवार को पूरा शहर जाम से हलाकान हो गया। स्कूल अभी खुले हुए हैं। इस कारण यह निर्णय सवालों के घेरे में आ गया है। पुलिस और रेलवे के अधिकारियों ने एक दूसरे को जिम्मेदार ठहराया है।
कुछ ही दिन बाद शहर के बड़े स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां होने वाली हैं। छुट्टियों में यह काम होता तो पब्लिक को काफी राहत हो जाती। एसपी ट्रैफिक निहारिका का कहना है कि उन्होंने रेलवे को लिखित रूप में चिट्ठी लिखकर इस बात पर आपत्ति जताई है कि यह काम स्कूल बंद होने के बाद किया जाय और कम से कम दो पहिया वाहनों के लिए एक छोटी गली छोड़ दी जाय लेकिन रेलवे ने उनकी आपत्ति पर कोई ध्यान नहीं दिया। दूसरी ओर रेलवे के सीनियर डीसीएम लखनऊ डिवीजन शिवेंद्र शुक्ला का कहना है कि रेलवे कोई भी काम बिना प्रशासन की अनुमति से नहीं करती। उनके पास अनुमति है, इसी कारण काम शुरू किया गया है।