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Prayagraj : रामायण के वैश्वक स्वरूप पर विद्वानों ने की चर्चा, सर्वकालिक जीवंतता को किया प्रमाणित

Wed, 23 Oct 2024 06:59 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

सीएमपी डिग्री कॉलेज में संस्कृत परिषद् के तत्वावधान में रामायण का वैश्विक स्वरूप विषय पर आयोजित व्याख्यान और अभिनंदन समारोह में मुख्य अतिथि राष्ट्रपति पुरस्कार से पुरस्कृत प्रो. हरिदत्त शर्मा ने 17 देशों के अपने प्रवास और उन सभी देशों में रामायण के स्पष्ट प्रमाण की व्याख्या विस्तार से की।
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संस्कृत में योगदान के लिए किया गया सम्मानित। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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सीएमपी डिग्री कॉलेज में संस्कृत परिषद् के तत्वावधान में रामायण का वैश्विक स्वरूप विषय पर आयोजित व्याख्यान और अभिनंदन समारोह में मुख्य अतिथि राष्ट्रपति पुरस्कार से पुरस्कृत प्रो. हरिदत्त शर्मा ने 17 देशों के अपने प्रवास और उन सभी देशों में रामायण के स्पष्ट प्रमाण की व्याख्या विस्तार से की। इलाहाबाद विश्वविद्यालय संस्कृत विभाग के अध्यक्ष प्रो प्रयाग नारायण मिश्र ने रामायण की सार्वकालिक प्रासंगिकता और जीवंतता को प्रमुखता से स्थापित किया।

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अभिननंदन समारोह में प्रो. सुरेंद्र पाल सिंह, प्रो. राजेंद्र त्रिपाठी, प्रो. कौमुदी श्रीवास्तव. प्रो. मीरा सिंह, प्रो. ज्योति कपूर. प्रो. अर्चना सिंह का उनके संस्कृत के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सत्यप्रकाश श्रीवास्तव संस्कृत विभाग सीएमपी महाविद्यालय और धन्यवाद ज्ञापन डॉ दीप्ति विष्णु ने किया। कार्यक्रम में डॉ प्रियंका सिंह, डॉ आकांक्षा सिंह, डॉ सौम्या कृष्ण, डॉ निशा खन्ना, डॉ एकात्म देव, डॉ प्रभा द्विवेदी, डॉ पूजा जायसवाल, डाॅ सोनमती, डॉ आरती सरोज, डॉ मनोज शर्मा, डॉ विजय बहादुर, डॉ किरन वर्मा , डॉ भानु प्रकाश त्रिपाठी, प्रो.सरोज सिंह, प्रो, आभा त्रिपाठी, डॉ अरुण वर्मा, डॉ पुनीत सिंह, डॉ. रंजीत सिंह, डाॅ गीतांजलि पांडेय, डॉ शारदा पाठक, डॉ प्रचेतस, डॉ प्रतिभा आर्या, डॉ अंशु सिंह आदि रहे।

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