इस डिवीजन का प्रभार देख रहे एक्सईएन अजय कुमार गोयल और सहायक अभियंता प्रीति पटेल को लिखे पत्र में जेई ने जगदीश मौर्य ने कहा है कि पैकेज संख्या यूपी-03176 के तहत हनुमानपुर-भगनपुर पर तीन जेई क्रमश: चैनेज जीरो से 3.20 किमी तक प्रदीप कुमार, चैनेज संख्या-3.20 से 6.20 किमी तक सरिता मिश्रा और चैनेज संख्या 6:20 से सात किमी तक खुद उनको कार्य आवंटित किया गया है।
जेई जगदीश ने इस निर्माणाधीन सड़क की दूसरी अवर अभियंता सरिता मिश्रा पर फर्जी नापी कराकर बिल भुगतान कराने का आरोप लगाया है। जेई जगदीश की माने तो सरिता ने सतह लेपन के बाद पटरी , केसी ड्रेन,रोड फर्नीचर और अन्य कार्यों का भी रिकार्ड नापजोख कर अलग-अलग मात्रा बिल भुगतान के लिए भेजी है। आरोप है कि जेई सरिता ने ठेकेदार से मिलीभगत कर ऐसा किया है।
जेई जगदीश का कहना है कि इससे उनकी और उनके एक और सहयोगी जेई प्रदीप की नौकरी दांव पर लग सकती है। जेई ने पत्र में लिखा है कि अगर इस मामले को दबाया गया और उच्चाधिकारियों ने समय रहते संज्ञान लेकर इस घोटाले के जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं की,तो वह डीएम व अन्य उच्चाधिकारियों को भी इस प्रकरण से अवगत कराएंगे। इस पर भी न्याय नहीं मिला तो वह न्यायालय का दरवाज खटखटाने के लिए बाध्य होंगे।
जेई जदगीश मौर्य का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है। इसीलिए वह सड़क निर्माण कराए बिना नापी और बिल भुगतान का पत्र लिखकर विभाग की छवि खराब कर रहे हैं। जेई का यह कदम अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। इस पर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। - अजय कुमार गोयल, अधिशासी अभियंता।
एक्सईएन अजय कुमार गोयल डॉक्टर नहीं जो मेरा मानसिक संतुलन बिगड़ने का प्रमाणपत्र देते फिर रहे हैं। मैं अगर उस सड़क पर जेई न होता तो वह इस घोटाले को दबाने में सफल हो जाते। मैंने पत्र लिख दिया तो अब वह मुझे मानसिक बीमार बता रहे हैं। इस सड़क पर बिना काम कराए भुगतान की जांच कराए जाने पर दूध का दूध पानी का पानी अपने आप हो जाएगा। - जगदीश मौर्य, अवर अभियंता।