सावन के आखिरी सोमवार पर मनकामेश्वर में सजेगी महाकालेश्वर की झांकी, भांग-धतूरे से होगा शृंगार
शिव मंदिरों में दर्शन और जलाभिषेक की तैयारियां पूरी
प्रयागराज। सावन के पांचवें और आखिरी सोमवार पर देवाधिदेव महादेव केदरबारों में पूजन, जलाभिषेक और आरती की तैयारियां रविवार को पूरी कर ली गईं। शिव मंदिरों में रंग-बिरंगे फूलों से शृंगार झांकियां सजाई जाएंगी। यमुनातट स्थित मनकामेश्वर महादेव का भांग-धतूरे से शृंगार होगा और महाकालेश्वर रूप में झांकी सजाई जाएगी।
कोरोना संक्रमण के बावजूद शिवभक्तों का उत्साह सावन के आखिरी सोमवार को लेकर चरम पर है। अरैल स्थित सोमेश्वर महादेव में फूलों, हरी पत्तियों से झांकी सजाई जाएगी। इसके लिए मंदिर परिसर में रविवार को तैयारियां शुरू कर दी गईं। फूलों से वंदनवार सजाए जा रहे हैं। संक्रमण को देखते हुए मंदिर प्रबंधन की ओर से थर्मल स्क्रीनिंग और सैनिटाइजेशन के इंतजाम किए गए हैं। सोमवार को दूर से दर्शन-पूजन होगा। शाम को महाआरती होगी। इसी तरह सरस्वती घाट पर स्थित प्रसिद्ध मनकामेश्वर मंदिर में भी आखिरी सोमवार को भांग से शृंगार किया जाएगा।
इसके लिए भक्तों ने रविवार को ही भांग तैयार की। रंग-बिरंगे फूलों से मंदिर में महाकाल के स्वरूप की झांकी सजाई जाएगी। पुजारी श्रीधरानंद ने बताया कि सुबह छह बजे ही मंगला आरती के साथ मंदिर केपट खोल दिए जाएंगे, लेकिन सेना की ओर से आम भक्तों के लिए गेट सात बजे खोला जाएगा। सुबह सात से 11 बजे और शाम को तीन से रात आठ बजे तक मंदिर आम श्रद्धालुओं के लिए खोला जाएगा। दारागंज में गंगा तट पर स्थित नागवासुकि मंदिर व बालसन चौराहा स्थित भरद्वाजेश्वर महादेव मंदिर में कोविड-19 के सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए भक्त भगवान के दरबार में हाजिरी लगाएंगे।
घाटों पर एसडीआरएफ व जल पुलिस के जवानों की गश्त
प्रयागराज। घाटों पर बैरिकेडिंग के बीच रविवार की शाम एससडीआरएफ व जलपुलिस केजवान तैनात कर दिए गए। दशाश्वमेध घाट पर दो मोटरबोट के साथ एसडीआरएफ के जवानों ने गश्त शुरू कर दी। जबकि संगम से लेकर सरस्वती घाट तक जलपुलिस के जवानों ने पेट्रोलिंग की। तीर्थ पुरोहित राजमणि तिवारी ने बताया कि सावन का आखिरी सोमवार की वजह से इस बार भक्तों की भीड़ होने का अनुमान है।