दयालपुर रेलवे स्टेशन को बचाने के लिए अब ग्रामीणों को बेवजह टिकट नहीं खरीदना पड़ेगा। प्रयागराज-अयोध्या रेल रूट स्थित इस रेलवे के आसपास के गांव वालों को उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक शोभन चौधुरी ने बड़ी राहत दी है। उन्होंने प्रयागराज से 22 किमी दूर दयालपुर स्टेशन पर अयोध्या जाने वाली सरयू एक्सप्रेस का दोनों ओर से ठहराव किए जाने का आश्वासन दिया है।
दयालपुर स्टेशन तकरीबन 18 वर्षों से वीरान पड़ा था। यहां हाल्ट पर ट्रेनों के ठहराव के साथ ही टिकट बिक्री भी बंद हो गई थी। वर्ष 2019 में हुए लोकसभा चुनाव के दौरान भी यहां स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन किया। इसके बाद भी उनका प्रदर्शन चलता रहा। सांसद फूलपुर केशरी देवी पटेल ने भी यह मुद्दा उठाया। तब कहीं जाकर स्टेशन हॉल्ट के रूप में पिछले वर्ष आठ जनवरी 2022 को खोला गया। इसके बाद यहां 04381/04382 प्रयागराज संगम-अयोध्या कैंट पैसेंजर का ठहराव शुरू हुआ। हालांकि इस ट्रेन के रुकने से लोगों को फायदा नहीं मिला। क्योंकि यहां से वह ट्रेन प्रयागराज के लिए रात में मिलती थी। इस वजह से दयालपुर और उसके आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों में इस बात का डर था कि कम आय की वजह से स्टेशन कहीं एक बार फिर से बंद न हो जाए। इसलिए तमाम स्थानीय लोगों ने नियमित रूप से टिकट खरीदना शुरू कर दिया।
अमर उजाला ने यह खबर ‘यात्रा नहीं, स्टेशन बचाने के लिए टिकट खरीद रहे दयालपुर वासी’ शीर्षक से प्रकाशित की। इसके बाद उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल ने दयालपुर से टिकट बिक्री के आंकड़े तलब किए। उधर शुक्रवार को जीएम उत्तर रेलवे के प्रयागराज आगमन की खबर मिलने के बाद स्थानीय नागरिक रफीक अहमद, डा. रवि भूषण, इंद्रजीत पटेल, संतलाल, राजकुमार द्विवेदी, सर्वजीत पटेल, राजकुमार पटेल आदि प्रयाग स्टेशन पहुंच गए। यहां ग्रामीणों ने जीएम और डीआरएम से मुलाकात कर सारी स्थिति से उन्हें अवगत कराया। इसके बाद जीएम ने कहा कि वह प्रायोगिक तौर पर सरयू एक्सप्रेस का छह माह के लिए वहां ठहराव करेंगे। अगर आय ठीक रही तो उसके बारे में आगे सोचा जाएगा। जीएम ने लखनऊ मंडल के सीनियर डीओएम से कहा कि वह इसका प्रस्ताव उत्तर रेलवे मुख्यालय दिल्ली को भेंजे।
लाल बहादुर शास्त्री ने बनवाया था दयालपुर स्टेशन
देश के पहले पीएम जवाहर लाल नेहरू के कार्यकाल में रेलमंत्री रहे लाल बहादुर शास्त्री ने दयालपुर स्टेशन का निर्माण करवाया था। यहां वर्ष 1961 से ट्रेनों का ठहराव शुरू हुआ। आमदनी कम होने की वजह से बाद में वर्ष 2005 में यह स्टेशन बंद हो गया था।